Delhi और Lucknow में आग की घटनाओं पर SC सख्त, अधिकारियों को फटकार लगाकर कहा- अब लीपापोती नहीं चलेगी

Delhi/Lucknow: दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई आग की दर्दनाक घटनाओं और अवैध निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निकायों और सिविल अथॉरिटीज को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि उसे उ

Delhi/Lucknow: दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई आग की दर्दनाक घटनाओं और अवैध निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निकायों और सिविल अथॉरिटीज को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि उसे उम्मीद थी कि प्रशासन कुछ ठोस कदम उठाएगा, लेकिन अब तक केवल दिखावे की कार्रवाई हुई है और मामलों को लीपापोती करके छोड़ दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई कि 20 मई को दिए गए आदेशों के बावजूद अवैध ढांचों के खिलाफ कोई प्रभावी काम नहीं हुआ। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अब भी निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि अब तक केवल बिल्डरों को पकड़ा गया है, जबकि असली जिम्मेदार अधिकारी बच निकले हैं।

यह मामला दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को लगी आग का है जिसमें 23 लोगों की जान गई थी और लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुई आग की घटना का है जिसमें 15 छात्रों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, गुरुग्राम में 93% इमारतों के फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने की रिपोर्ट पर भी कोर्ट ने चिंता जताई और वहां के नागरिक निकाय के प्रमुख को अगली सुनवाई में खुद पेश होने को कहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेष समिति बनाने का निर्देश दिया है। इस टीम में IIT Delhi के दो सीनियर प्रोफेसर और दो तकनीकी विशेषज्ञ (ड्राफ्ट्समैन) शामिल होंगे। यह टीम दिल्ली के साकेत, मालवीय नगर, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और लखनऊ के अलीगंज इलाके में जाकर जमीनी सर्वे करेगी।

अदालत में एमसीडी की ओर से पेश एएसजी एस.डी. संजय ने आश्वासन दिया है कि काम किया गया है और 4 अगस्त तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी, जिसमें नगर निकायों को अपनी पूरी रिपोर्ट पेश करनी होगी।