Delhi: बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चुनाव की मतगणना (counting) पर तुरंत रोक लगा दी है। यह कदम बैलेट पेपरों में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं
Delhi: बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चुनाव की मतगणना (counting) पर तुरंत रोक लगा दी है। यह कदम बैलेट पेपरों में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद उठाया गया है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में होगी।
क्यों रोकी गई मतगणना और अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची शामिल थे। एडवोकेट शोभा गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई है। कोर्ट ने कहा कि मतपत्रों जैसे असली रिकॉर्ड की जांच करना हाई कोर्ट के लिए ज्यादा आसान होगा। इसलिए मामले को दिल्ली हाई कोर्ट की एक स्पेशल बेंच को भेज दिया गया है। हाई कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह हर दिन इस मामले की सुनवाई करे ताकि जल्द फैसला हो सके। जब तक हाई कोर्ट निर्णय नहीं लेता, तब तक वोटों की गिनती पूरी तरह बंद रहेगी।
चुनाव में क्या-क्या विवाद सामने आए हैं?
इस चुनाव में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और चुनाव नियम 2023 के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों की वजह से 67 उम्मीदवारों को निलंबित भी किया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस तलवंत सिंह ने भी इस संबंध में एक गोपनीय पत्र सुप्रीम कोर्ट को भेजा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पत्र को जरूरी कार्रवाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजने का आदेश दिया है।
BCD चुनाव से जुड़े पुराने विवाद और नियम
- दिसंबर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 25 सीटों में से 5 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व करने का आदेश दिया था।
- सितंबर 2024 में कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई थी जिसमें एक उम्मीदवार को दो पदों के लिए चुनाव लड़ने से मना किया गया था।
- फरवरी 2026 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया को उन नियमों पर फिर से सोचने को कहा गया था जो बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को राज्य चुनाव लड़ने से रोकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुप्रीम कोर्ट ने BCD चुनाव की गिनती क्यों रोकी?
चुनाव में कथित अनियमितताओं और बैलेट पेपरों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना पर रोक लगाई है।
अब इस मामले का फैसला कौन करेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली हाई कोर्ट की एक विशेष पीठ को भेज दिया है, जिसे प्रतिदिन सुनवाई कर जल्द फैसला लेने को कहा गया है।