Delhi: दिल्ली के मशहूर Delhi Golf Club (DGC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने क्लब के अंदर संरक्षित स्मारकों के आसपास बनी इमारतों को सील करने के अपने पुराने आदेश पर 22 जुलाई 2026 तक रोक लगा दी है। यह फैसला
Delhi: दिल्ली के मशहूर Delhi Golf Club (DGC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने क्लब के अंदर संरक्षित स्मारकों के आसपास बनी इमारतों को सील करने के अपने पुराने आदेश पर 22 जुलाई 2026 तक रोक लगा दी है। यह फैसला बुधवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों के बाद लिया गया, जिन्होंने क्लब की तरफ से सुझाव देने के लिए और समय मांगा था।
सीलिंग ऑर्डर और 100 मीटर का नियम क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने पहले 11 मई 2026 को NDMC और दिल्ली पुलिस को आदेश दिया था कि Lal Bangla I और II जैसे संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर के दायरे में आने वाली सभी संरचनाओं को सील किया जाए। यह आदेश AMASR एक्ट, 1958 की धारा 20A के तहत दिया गया था, जिसके मुताबिक स्मारकों के आसपास एक निश्चित दूरी तक निर्माण कार्य प्रतिबंधित होता है। अब कोर्ट ने इस प्रक्रिया को जुलाई 2026 तक के लिए टाल दिया है।
अन्य स्मारकों और उनकी हालत पर क्या कहा कोर्ट ने?
क्लब के अंदर मौजूद 9 अन्य ऐतिहासिक इमारतों के 20 मीटर के दायरे में किसी भी गतिविधि पर रोक लगाने के आदेश को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। कोर्ट ने इन स्मारकों की हालत को बहुत खराब और चिंताजनक बताया है। जस्टिस अहसनुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने ASI और NDMC की लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों की देखरेख में बड़ी चूक हुई है।
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
यह पूरा मामला दिल्ली निवासी राजीव सूरी द्वारा दायर एक याचिका से शुरू हुआ था। कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट और हेरिटेज कंजर्वेटर डॉ. स्वप्ना लिडल की रिपोर्ट में स्मारकों पर अतिक्रमण और उनकी जर्जर हालत का जिक्र था। कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि ऐसी महत्वपूर्ण साइट्स निजी संस्थाओं को दे दी गईं और अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया। अब क्लब को अपने सुझाव पेश करने का मौका दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग ऑर्डर पर कब तक रोक लगाई है?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली गोल्फ क्लब के संरक्षित स्मारकों के पास बनी इमारतों को सील करने के आदेश पर 22 जुलाई 2026 तक रोक लगा दी है।
यह विवाद किस कानून के तहत चल रहा है?
यह मामला Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains (AMASR) एक्ट, 1958 की धारा 20A के तहत चल रहा है, जो स्मारकों के पास 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र की बात करता है।