Delhi: दिल्ली में बिजली व्यवस्था को संभालने वाले रेगुलेटरी कमीशन (DERC) में नियमित नियुक्तियां न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार और DERC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह पूर
Delhi: दिल्ली में बिजली व्यवस्था को संभालने वाले रेगुलेटरी कमीशन (DERC) में नियमित नियुक्तियां न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार और DERC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह पूरा मामला एक NGO ‘Energy Watchdog’ द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया है, जिसमें चयन समिति बनाने की मांग की गई है।
DERC में क्या है बड़ी समस्या?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पाया कि DERC की मौजूदा बनावट कानून के खिलाफ है। आयोग में फिलहाल कोई स्थायी चेयरमैन नहीं है और न ही कोई ज्यूडिशियल मेंबर (न्यायिक सदस्य) शामिल है। अभी केवल दो अस्थायी सदस्य ही काम देख रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि कानूनी सदस्य न होने की वजह से बिजली और ऊर्जा से जुड़ी कई अर्जियां और केस लंबित पड़े हैं, जिससे आम जनता और बिजली कंपनियों के फैसलों में देरी हो रही है।
क्यों फंसी है नियुक्तियों की प्रक्रिया?
DERC जनवरी 2023 से बिना नियमित चेयरमैन के काम कर रहा है। दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (L-G) के बीच नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट को बीच में आना पड़ा और अगस्त 2023 में जस्टिस जयंत नाथ को अस्थायी चेयरमैन नियुक्त किया गया था। फिलहाल दिल्ली सरकार ने एलजी की शक्तियों से जुड़े एक कानून (Section 45D) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई अभी जारी है।
आगे क्या होगा असर?
चीफ जस्टिस सूर्या कांत की बेंच ने अब इस मामले की जांच करने का फैसला किया है। कोर्ट चाहता है कि जल्द से जल्द एक सिलेक्शन कमेटी बनाई जाए ताकि चेयरमैन और सदस्यों की स्थायी नियुक्ति हो सके। अगर आयोग में नियमित सदस्य नहीं आते, तो बिजली दरों के निर्धारण और शिकायतों के निपटारे में और देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DERC क्या है और यह क्यों जरूरी है?
DERC दिल्ली की बिजली नियामक संस्था है। यह बिजली की दरों को तय करने और बिजली वितरण कंपनियों की निगरानी करने का काम करती है ताकि उपभोक्ताओं को सही दाम पर बिजली मिले।
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस क्यों जारी किया?
कोर्ट ने नोटिस इसलिए जारी किया क्योंकि DERC में लंबे समय से स्थायी चेयरमैन और न्यायिक सदस्य की कमी है, जिससे बिजली संबंधी कानूनी मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा है।