NEET हिंसा मामला: Supreme Court ने पूछा Delhi Police ने MHA को दी थी जानकारी, छात्रों को राहत देते हुए दिए कड़े निर्देश

Delhi: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई पर Supreme Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान गृह मंत्रालय (MHA) को पूरी जानकारी दी

Delhi: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई पर Supreme Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान गृह मंत्रालय (MHA) को पूरी जानकारी दी थी। चीफ जस्टिस सूर्या कांत की बेंच ने साफ कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और सिर्फ विरोध प्रदर्शन के आधार पर लाठीचार्ज करना सही नहीं है।

कोर्ट ने इस पूरे मामले में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने के संकेत दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि पुलिस द्वारा की गई सख्ती के आरोप गंभीर हैं और इनकी जांच होनी चाहिए। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने कोर्ट में इस बात को स्वीकार किया है कि वे स्वतंत्र जांच के आदेश को मानेंगे। इस मामले में दिल्ली के साथ-साथ यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

28 जुलाई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने छात्रों के हित में कुछ अहम अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। साथ ही, हिरासत में लिए गए सभी नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने प्रदर्शनों से जुड़े सभी डिजिटल सबूतों और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को भी कहा है।

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि एक ऐसा नेशनल प्रोटोकॉल होना चाहिए जिससे लोगों के विरोध करने के अधिकार और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बना रहे। कोर्ट ने कहा कि चाहे छात्र हों या पुलिसकर्मी, किसी को भी चोट पहुंचना चिंता का विषय है और जिसने भी हद से ज्यादा सख्ती की है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी।