Delhi: साल 2020 के दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साजिश’ मामले में जेल में बंद तस्लीम अहमद और अब्दुल खालिद सैफी के लिए राहत की खबर आई है। Supreme Court ने संकेत दिया है कि वह इन दोनों आरोपियों को जमानत देने के पक्ष मे
Delhi: साल 2020 के दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साजिश’ मामले में जेल में बंद तस्लीम अहमद और अब्दुल खालिद सैफी के लिए राहत की खबर आई है। Supreme Court ने संकेत दिया है कि वह इन दोनों आरोपियों को जमानत देने के पक्ष में है। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अब इस मामले की अगली तारीख 22 मई 2026 तय की गई है।
जमानत मिलने की संभावना क्यों बढ़ी
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच ने प्राथमिक तौर पर तस्लीम और अब्दुल खालिद को जमानत देने की इच्छा जताई है। इस फैसले पर असर 18 मई 2026 को आए एक बड़े फैसले का पड़ा है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि UAPA जैसे कड़े कानूनों में भी जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद। इसी आधार पर आरोपियों के वकीलों ने दलीलें पेश कीं।
Delhi Police और सरकार की क्या दलील है
Delhi Police की तरफ से ASG एस.वी. राजू ने कोर्ट से समय मांगा है। उनका कहना है कि UAPA की धारा 43D(5) को लेकर अलग-अलग बेंचों की अलग-अलग राय है, जिसे एक बड़ी बेंच द्वारा सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि UAPA जैसे विशेष कानूनों में सामान्य कानूनों की तुलना में जमानत के नियम बहुत सख्त होते हैं। हालांकि, उन्होंने अंतरिम जमानत का विरोध नहीं किया है।
मामले की अब तक की टाइमलाइन
- 18 मई 2026: कोर्ट ने कहा कि UAPA मामलों में भी जमानत मिलना नियम होना चाहिए।
- 20 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को जमानत देने का संकेत दिया और सुनवाई स्थगित की।
- 22 मई 2026: इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें अंतिम फैसला आ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तस्लीम अहमद और अब्दुल खालिद सैफी कौन हैं?
ये दोनों व्यक्ति साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों की ‘बड़ी साजिश’ के मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं।
कोर्ट ने जमानत देने की बात क्यों कही?
कोर्ट ने 18 मई 2026 के एक फैसले का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि UAPA मामलों में भी ‘जेल अपवाद और जमानत नियम’ होनी चाहिए।