UP: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) कोर्ट के वकीलों द्वारा बार-बार काम बंद करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक कमेटी को निर्देश दिया है कि वह बार एसोसिएशन के उन नेताओं के खिलाफ
UP: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) कोर्ट के वकीलों द्वारा बार-बार काम बंद करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक कमेटी को निर्देश दिया है कि वह बार एसोसिएशन के उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे जिन्होंने काम से दूरी बनाई। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि दिसंबर 2024 के आदेश के बावजूद नोएडा बार एसोसिएशन काम बंद करने के प्रस्ताव पास कर रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बार-बार निर्देशों की अनदेखी की है, इसलिए अब तेजी से कार्रवाई की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने जिला और सत्र न्यायाधीश, गौतम बुद्ध नगर को उन सभी दिनों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है जब वकीलों ने काम से दूरी बनाई थी। यह रिपोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजी जाएगी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की भूमिका और कार्रवाई
रिपोर्ट मिलने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों की कमेटी इसकी जांच करेगी और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगी। इससे पहले 29 अप्रैल 2026 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी कहा था कि लिस्टेड केसों में वकीलों का पेश न होना प्रोफेशनल मिसकंडक्ट है। कोर्ट ने इसे ‘बेंच हंटिंग’ से जोड़ा और साफ किया कि रूटीन आधार पर तारीखें या स्थगन (adjournments) नहीं दिए जाने चाहिए।
मामला कोर्ट तक कैसे पहुंचा?
यह पूरा मामला वीरेंद्र सिंह नाम के एक याचिकाकर्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बाद सामने आया है। याचिका में बार-बार काम बंद करने से आम लोगों के कानूनी मामलों में होने वाली देरी का मुद्दा उठाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2024 में ही जिला बार एसोसिएशनों को काम से अनुपस्थित रहने से रोकने का आदेश दिया था, जिसका नोएडा कोर्ट में पालन नहीं हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोएडा कोर्ट के बार एसोसिएशन पर कार्रवाई क्यों हो रही है?
दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशनों को काम बंद करने से मना किया था, लेकिन गौतम बुद्ध नगर बार एसोसिएशन ने इसके बावजूद काम न करने के प्रस्ताव पास किए, जिससे कोर्ट नाराज है।
अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
जिला और सत्र न्यायाधीश उन दिनों की रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को भेजेंगे जब काम बंद रहा। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट की जजों वाली कमेटी रिपोर्ट की जांच कर दोषी नेताओं पर एक्शन लेगी।