Delhi से बेंगलुरु और मुंबई तक फैला छात्रों का विरोध, NEET पेपर लीक मामले में CJP की मांगें बरकरार
Delhi: दिल्ली से शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गया है। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की गूंज अब बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई समेत 30 से ज्यादा शहरों में सुनाई दे रही है
Delhi: दिल्ली से शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गया है। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की गूंज अब बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई समेत 30 से ज्यादा शहरों में सुनाई दे रही है। NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद भड़के छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जाएं। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका और सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत की, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी गैर-परक्राम्य शर्त है। इस बीच, राहुल गांधी ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास कड़ी घेराबंदी की गई है और पिछले चार दिनों से सेंट्रल दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए हैं। वहीं, 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस द्वारा ‘चिली बम’ और आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोपों की जांच Rapid Action Force (RAF) कर रही है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर केस दर्ज नहीं किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई को इस मुद्दे पर बात करते हुए पेपर लीक करने वालों को सजा देने के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाने का वादा किया, लेकिन CJP ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, लद्दाखी एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों का उपवास खत्म कर दिया है।
आंदोलन को और तेज करने के लिए CJP ने 26 जुलाई को देशभर में कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए लोगों के समर्थन में निकाला जाएगा। छात्र संगठन जैसे AISA, SFI और AIDSO भी इस मुहिम में सक्रिय रूप से शामिल हैं।