Tamil Nadu: ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों की देखभाल को बेहतर बनाने के लिए अब तकनीक और मानवीय स्पर्श को एक साथ जोड़ा जाएगा। SRM Institute of Science and Technology (SRMIST) ने ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ऑटिज्म 2026’ का आ
Tamil Nadu: ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों की देखभाल को बेहतर बनाने के लिए अब तकनीक और मानवीय स्पर्श को एक साथ जोड़ा जाएगा। SRM Institute of Science and Technology (SRMIST) ने ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ऑटिज्म 2026’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद ऑटिज्म केयर में बदलाव लाना और इलाज के नए तरीके खोजना था, ताकि प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन मिल सके।
SRM ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने कैसे की मदद?
SRM कॉलेज ऑफ ऑकेूपेशनल थेरेपी के डीन डॉ. यू. गणपति शंकर ने बताया कि 2022 में SRM ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई थी। इस सेंटर ने अब तक 270 से ज्यादा बच्चों की मदद की है और 1000 से अधिक परिवारों को मुफ्त सेवाएं दी हैं। साथ ही, DST की मदद से एक प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है, जिसमें मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चों की थेरेपी को और असरदार बनाया जा रहा है।
कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने क्या सुझाव दिए?
इस कार्यक्रम में देश भर के डॉक्टरों और प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्ध, चेन्नई के प्रोफेसर डॉ. एम. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि ऑटिज्म के इलाज में पुरानी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आज की आधुनिक थेरेपी को मिलाकर चलना चाहिए। वहीं, डॉ. एस. पोन्नुसामी ने रिसर्च आधारित स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर दिया। कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘वन नेशन वन करिकुलम’ का जिक्र भी किया गया ताकि पूरे देश में एक जैसा मानक रहे।
इस कार्यक्रम में क्या-क्या खास रहा?
यह कॉन्फ्रेंस 28 से 30 अप्रैल 2026 तक चली। इसमें देशभर से आए हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने नए रिसर्च पेपर पेश किए और पोस्टर प्रेजेंटेशन के जरिए अपनी बात रखी। पैनल डिस्कशन और इनोवेशन शोकेस के जरिए यह बताया गया कि कैसे क्लिनिकल अनुभव और नई टेक्नोलॉजी को मिलाकर ऑटिज्म के मरीजों की जिंदगी बदली जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SRM ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने कितने परिवारों की मदद की है?
इस सेंटर ने अब तक 270 से ज्यादा बच्चों को सपोर्ट दिया है और 1000 से अधिक परिवारों को पूरी तरह मुफ्त सेवाएं प्रदान की हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ऑटिज्म 2026 का मुख्य विषय क्या था?
इस कॉन्फ्रेंस की थीम ‘Transforming Autism Care: Integrating Technology with Human-Centred Practice’ थी, जिसका उद्देश्य तकनीक और मानवीय देखभाल को जोड़ना था।