Delhi: श्रीलंका की हाई कमिश्नर Mahishini Colonne ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के साथ मिलकर बैशाख (बुद्ध पूर्णिमा) का त्योहार मनाया। इस मौके पर उन्होंने बौद्ध धर्म से जुड़ी सांस्कृतिक और
Delhi: श्रीलंका की हाई कमिश्नर Mahishini Colonne ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के साथ मिलकर बैशाख (बुद्ध पूर्णिमा) का त्योहार मनाया। इस मौके पर उन्होंने बौद्ध धर्म से जुड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच बहुत पुराने और गहरे संबंध रहे हैं।
बैशाख उत्सव में क्या खास रहा
Mahishini Colonne ने बताया कि श्रीलंका में इस त्योहार को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। वहां लोग मिलकर लालटेन बनाते हैं और अपने घरों और गलियों को सजाते हैं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को दिल्ली के छात्रों के बीच लाने का मकसद भारत और श्रीलंका के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करना था।
भारत और श्रीलंका का सभ्यता संबंध
हाई कमिश्नर ने कहा कि गौतम बुद्ध की जड़ें भारत में हैं और उनकी शिक्षाएं श्रीलंका तक पहुंचीं। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच एक गहरा सभ्यतागत जुड़ाव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बौद्ध धर्म का मुख्य संदेश शांति, करुणा और जागरूकता है। उनका मानना है कि ऐसी साझा परंपराओं के जरिए भारतीय छात्र अपनी और पड़ोसी देश की संस्कृति को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में बैशाख उत्सव किसने मनाया?
श्रीलंका की हाई कमिश्नर Mahishini Colonne ने 30 अप्रैल 2026 को दिल्ली के छात्रों के साथ मिलकर बैशाख (बुद्ध पूर्णिमा) का उत्सव मनाया।
हाई कमिश्नर ने भारत और श्रीलंका के रिश्तों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं भारत से श्रीलंका पहुंचीं, जो दोनों देशों के बीच एक मजबूत सभ्यतागत संबंध को दर्शाता है और यह शांति और करुणा का संदेश देता है।