Sri Lanka की जेलों में भारी भीड़, क्षमता से 4 गुना ज्यादा कैदी; दंगों में कई लोगों की मौत
World : श्रीलंका की जेलों में इस समय हालात बहुत खराब हैं। यहां की जेलों में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदियों को रखा गया है, जिसकी वजह से भारी तनाव और हिंसा बढ़ गई है। सिर्फ 11 हजार कैदियों के लिए बनी जेलों में अब 41 हजार से
World : श्रीलंका की जेलों में इस समय हालात बहुत खराब हैं। यहां की जेलों में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदियों को रखा गया है, जिसकी वजह से भारी तनाव और हिंसा बढ़ गई है। सिर्फ 11 हजार कैदियों के लिए बनी जेलों में अब 41 हजार से ज्यादा लोग बंद हैं, जिससे वहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
हाल ही में जुलाई और अगस्त 2026 के बीच श्रीलंका की कई जेलों में हिंसक दंगे हुए। 10 और 11 जुलाई को नेगोंबो जेल में हुए दंगों में 28 लोगों की जान चली गई, जिनमें 8 जेल अधिकारी और 20 कैदी शामिल थे। इसके बाद 7 अगस्त को कोलंबो की न्यू मैगजीन और कुरुविटा जेल में भी दंगे हुए, जिसमें 3 कैदी मारे गए और 23 लोग घायल हो गए। 2 अगस्त को महारा जेल में हुए एक दंगे में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी।
सरकार का कहना है कि यह स्थिति ड्रग्स और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए सख्त अभियान की वजह से आई है। जस्टिस और नेशनल इंटीग्रेशन मिनिस्टर Harshana Nanayakkara के मुताबिक, सरकार के एंटी-नारकोटिक्स अभियान के बाद जेलों में कैदियों की संख्या 29 हजार से बढ़कर करीब 40 हजार हो गई है। इनमें से करीब 23 हजार लोग ड्रग्स से जुड़े मामलों में बंद हैं।
जेलों की हालत इतनी खराब है कि कैदियों को सोने के लिए जगह नहीं मिल रही है। अधिकार समूहों का कहना है कि महिलाओं समेत कई कैदियों को टॉयलेट के अंदर सोने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा, अदालती कार्यवाही में देरी और जमानत की सख्त शर्तों की वजह से हजारों लोग बिना सजा के ही जेलों में बंद हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक कुल 39,400 कैदी थे, जिनमें से 28,702 ऐसे लोग थे जिन्हें अभी सजा नहीं मिली है।
हालात को संभालने के लिए श्रीलंका सरकार अब पुरानी औपनिवेशिक जेलों को फिर से खोलने और 1,300 नए कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रही है। सुरक्षा के लिए सेना और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवानों को बड़ी जेलों के बाहर तैनात किया गया है।