Spain और Morocco के बॉर्डर पर भारी तनाव, 24 घंटे में 60 हजार प्रवासियों ने पार की सीमा, कई मौतें

World: स्पेन के शहर Ceuta में उस समय हालात बिगड़ गए जब मोरक्को से करीब 60,000 प्रवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर सीमा पार कर ली। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था पूर

World: स्पेन के शहर Ceuta में उस समय हालात बिगड़ गए जब मोरक्को से करीब 60,000 प्रवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर सीमा पार कर ली। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस पूरी घटना के दौरान कम से कम 34 लोगों की जान चली गई है।

यह घटना 29 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच हुई। स्पेन के आंतरिक मंत्रालय ने शुरुआत में प्रवासियों की संख्या 50,000 बताई थी, लेकिन अनुमान है कि यह संख्या 60,000 तक पहुंच गई, जो Ceuta शहर की कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशत है। कई लोगों की डूबने से मौत हुई है। हालांकि, खबर यह भी है कि इनमें से 25,000 से ज्यादा लोग स्वेच्छा से वापस मोरक्को लौट गए हैं।

स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने इस घटना को देश की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि यह स्पेन और यूरोप के लिए एक गंभीर संकट है। Sánchez ने इस स्थिति के लिए मानव तस्करी करने वाले गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, Ceuta के राष्ट्रपति Juan Jesús Vivas ने इसे मानवीय और सामाजिक आपातकाल बताते हुए सेना और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की थी।

मोरक्को की स्पेन में राजदूत Karima Benyaich ने साफ किया कि मोरक्को सरकार इस स्थिति के पक्ष में नहीं थी और वह कानूनी और सुरक्षित प्रवासन चाहती है। स्पेन और मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियां अब मिलकर सीमा पर लोगों को रोकने की कोशिश कर रही हैं।

इस संकट के पीछे एक कानूनी कारण भी बताया जा रहा है। जुलाई 2026 में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को बिना उचित प्रक्रिया के तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। अधिकारियों का मानना है कि तस्करी करने वाले गिरोह इसी कानून का फायदा उठाकर लोगों को सीमा पार करवा रहे हैं। इस मामले ने यूरोप के अन्य देशों, खासकर इटली में भी चिंता बढ़ा दी है।