Middle East में बढ़ा तनाव, South Korea ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी

World : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते झगड़े और सुरक्षा खतरों को देखते हुए South Korea ने बड़ा फैसला लिया है। दक्षिण कोरिया की सरकार ने वहां रहने वाले अपने नागरिकों से कहा है कि अगर बहुत जरूरी न हो, तो वे तुरंत मिडिल ईस्ट

World : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते झगड़े और सुरक्षा खतरों को देखते हुए South Korea ने बड़ा फैसला लिया है। दक्षिण कोरिया की सरकार ने वहां रहने वाले अपने नागरिकों से कहा है कि अगर बहुत जरूरी न हो, तो वे तुरंत मिडिल ईस्ट के देशों से बाहर निकल जाएं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इस क्षेत्र में हालात काफी बिगड़ चुके हैं।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को ईरान और इजरायल समेत 17 डिप्लोमैटिक मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस मीटिंग में कोरियाई नागरिकों और वहां चलने वाले जहाजों की सुरक्षा की समीक्षा की गई। इसके बाद सोमवार, 20 जुलाई को आधिकारिक तौर पर यह एडवाइजरी जारी की गई। सेकंड वाइस फॉरेन मिनिस्टर किम जीना ने बताया कि मार्च 2026 से ही ज्यादातर मिडिल ईस्ट देशों के लिए लेवल 3 ट्रैवल एडवाइजरी लागू थी, जिसका मतलब है कि बिना जरूरी काम के वहां न जाएं। अब स्थिति गंभीर होने पर शॉर्ट-टर्म विजिटर्स को तुरंत लौटने को कहा गया है।

सुरक्षा चिंताओं की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी है। पिछले महीने एक शांति समझौता हुआ था, लेकिन वह टूट गया और पिछले एक हफ्ते से दोनों तरफ से हमले जारी हैं। खबर है कि अमेरिका ने ईरान के बुशेहर में नागरिक परमाणु संयंत्र और अन्य जगहों पर हमले किए हैं। इस तनाव की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता भी काफी हद तक बंद हो गया है। साथ ही, लाल सागर में यमन के हुथी विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव को देखते हुए कोरियाई जहाजों को भी ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है।

सिर्फ दक्षिण कोरिया ही नहीं, भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए ईरान और जॉर्डन को लेकर इसी तरह की चेतावनी जारी की है। सभी देश अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। दक्षिण कोरिया के दूतावासों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वहां फंसे नागरिकों की मदद करें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें।