मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म Songs of Forgotten Trees को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, वेनिस फिल्म फेस्टिवल में जीता अवॉर्ड

Maharashtra: मुंबई शहर की भागदौड़ और यहां रहने वाली प्रवासी महिलाओं के संघर्ष पर बनी फिल्म ‘Songs of Forgotten Trees’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। इस फिल्म के जरिए मुंबई में रहने वाली दो महिलाओं की जटि

Maharashtra: मुंबई शहर की भागदौड़ और यहां रहने वाली प्रवासी महिलाओं के संघर्ष पर बनी फिल्म ‘Songs of Forgotten Trees’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। इस फिल्म के जरिए मुंबई में रहने वाली दो महिलाओं की जटिल दोस्ती और उनके जीवन के संघर्षों को दिखाया गया है। हाल ही में ‘The Guardian’ ने इस फिल्म की समीक्षा करते हुए इसे महिला संबंधों पर आधारित एक संवेदनशील ड्रामा बताया है।

फिल्म की कहानी मुंबई में रहने वाली दो प्रवासी महिलाओं, थूया और श्वेता के इर्द-गिर्द घूमती है। थूया एक उभरती हुई अभिनेत्री है जो सेक्स वर्कर के रूप में काम करती है, जबकि श्वेता एक कॉर्पोरेट कर्मचारी है। ये दोनों एक ही फ्लैट में रहती हैं और शहर की भीड़भाड़ के बीच उनके बीच पनपने वाले रिश्तों, ट्रॉमा और खुद की पहचान खोजने की कोशिश को पर्दे पर उतारा गया है।

इस फिल्म का निर्देशन अनुपर्णा रॉय ने किया है। उन्होंने इस फिल्म को बनाने के लिए मुंबई में तीन अलग-अलग कॉर्पोरेट नौकरियां कीं ताकि वे खुद फंड जुटा सकें। अनुपर्णा रॉय ने बताया कि वह उन महिलाओं की कहानियां दुनिया के सामने लाना चाहती थीं जिन्हें समाज अक्सर अनदेखा कर देता है, खासकर जाति, वर्ग और जेंडर के आधार पर हाशिए पर रहने वाले लोग।

फिल्म को दुनिया भर में काफी सराहना मिली है। इसकी मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

  • 82वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘ओरिज़ोंटी’ सेक्शन में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ।
  • निर्देशक अनुपर्णा रॉय ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड जीता।
  • वह यह पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म निर्माता बनीं।
  • प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म को प्रेजेंट किया था।

यह फिल्म बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल, सिडनी इंडियन फिल्म फेस्टिवल और हांगकांग एशियन फिल्म फेस्टिवल समेत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों का हिस्सा रही है। फिल्म में नाज़ शेख ने थूया और सुमी बघेल ने श्वेता का किरदार निभाया है।