Delhi में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन, केंद्र सरकार ने 3 अस्पतालों को अलर्ट पर रखा

Delhi: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 20वें दिन में पहुंच गई है। मामला गंभीर होता देख केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्टिव हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों को निर्देश दिया है कि

Delhi: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 20वें दिन में पहुंच गई है। मामला गंभीर होता देख केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्टिव हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे वांगचुक और उनके साथ प्रदर्शन कर रहे अन्य लोगों की दिन में दो बार मेडिकल जांच करें।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल, और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज को यह जिम्मेदारी सौंपी है। डॉक्टरों को सुबह 9 बजे और रात 9 बजे जांच करने को कहा गया है। वांगचुक की हालत ‘बॉर्डर-लाइन’ बताई जा रही है, जिससे शरीर के अंगों के अचानक काम बंद करने जैसी इमरजेंसी स्थिति का खतरा बना हुआ है। RML अस्पताल को इस पूरे मामले के लिए नोडल अस्पताल बनाया गया है, जहां जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों को भर्ती किया जाएगा।

यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उठाया गया है। कोर्ट ने 16 जुलाई को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी करने और जरूरी इलाज देने को कहा था। सरकार ने कोर्ट में साफ किया कि वह डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही मेडिकल केयर करेगी।

स्वास्थ्य अपडेट के मुताबिक, 17 जुलाई तक सोनम वांगचुक का वजन लगभग 9.5 किलोग्राम कम हो गया है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68 दर्ज किया गया और शरीर में हल्की निर्जलीकरण (dehydration) की समस्या देखी गई। इससे पहले 16 जुलाई को उनका ब्लड शुगर 80 mg/dL और ब्लड प्रेशर 105/61 था।

इतनी खराब सेहत के बावजूद सोनम वांगचुक अपने संकल्प पर डटे हुए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वे 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होंगे। वांगचुक ने यहां तक कह दिया कि अगर यह मार्च सफल नहीं रहा तो वे भूत बनकर लौटेंगे। इस प्रदर्शन में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर प्रियंका चतुर्वेदी, जेडीयू, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे राजनीतिक दलों ने भी अपनी चिंता और समर्थन जताया है।