Sonam Wangchuk की हिरासत के खिलाफ Mumbai और Delhi में बवाल, शिवाजी पार्क में जुटे प्रदर्शनकारी
Maharashtra/Delhi: एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को हिरासत में लिए जाने के बाद मुंबई और दिल्ली में तनाव बढ़ गया है। मुंबई के शिवाजी पार्क में सैकड़ों लोग उनके समर्थन में इकट्ठा हुए, वहीं दिल्ली में उन्हें जबरन अस्पताल में भर
Maharashtra/Delhi: एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को हिरासत में लिए जाने के बाद मुंबई और दिल्ली में तनाव बढ़ गया है। मुंबई के शिवाजी पार्क में सैकड़ों लोग उनके समर्थन में इकट्ठा हुए, वहीं दिल्ली में उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले को लेकर अब छात्र संगठन और राजनीतिक दल सड़कों पर उतर आए हैं।
मुंबई में शनिवार को Sonam Wangchuk के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव और CSMT के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। रविवार को प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क पहुंचे क्योंकि उन्हें आजाद मैदान में अनुमति नहीं मिली थी। इस प्रदर्शन में Shiv Sena (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार बदलने की बात कही। मुंबई पुलिस का कहना है कि बॉम्बे हाई कोर्ट के नियमों के कारण वीकेंड पर दक्षिण मुंबई के इलाकों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
दूसरी तरफ दिल्ली में Sonam Wangchuk को जंतर मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह कदम उनकी गिरती सेहत और हाई कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया। वहीं CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने पीटा और हिरासत में लिया। उन्होंने अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
Sonam Wangchuk की पत्नी Gitanjali Angmo ने उन्हें अस्पताल से रिहा करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन वह इलाज और दवाइयां लेने से मना कर रहे हैं। अस्पताल से जारी एक हाथ से लिखे नोट में Wangchuk ने नागरिकों से 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की है और इसे न्याय के लिए दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन बताया है।
सोमवार 20 जुलाई को संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसे देखते हुए CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च का एलान किया है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को अवैध बताया है क्योंकि इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।