Delhi के Safdarjung Hospital में भर्ती हुए Sonam Wangchuk, भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज से किया इनकार
Delhi: लद्दाख के एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को 20-21 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद दिल्ली के Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया है। उन्हें 18 जुलाई की सुबह अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके शरीर में पानी की क
Delhi: लद्दाख के एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk को 20-21 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद दिल्ली के Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया है। उन्हें 18 जुलाई की सुबह अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके शरीर में पानी की कमी और कुछ अन्य दिक्कतों की पुष्टि की है। हालांकि, Wangchuk ने अस्पताल में दिए जा रहे ग्लूकोज और अन्य दवाइयों को लेने से साफ मना कर दिया है।
Delhi Police ने यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के बाद उठाया है, जिसमें Wangchuk की सेहत की रोजाना निगरानी करने को कहा गया था। अस्पताल के बुलेटिन के मुताबिक, उनके शरीर में पोटैशियम की कमी और डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले हैं। AIIMS के एक एक्सपर्ट ने भी कहा है कि उनकी हालत को देखते हुए तुरंत इलाज और फ्लूइड थेरेपी की जरूरत है ताकि किसी बड़ी मुश्किल से बचा जा सके।
दूसरी तरफ, Wangchuk की पत्नी Gitanjali J. Angmo और उनके निजी डॉक्टर Dr. Nitin Dighe ने अस्पताल की रिपोर्ट्स पर शक जताया है। उनकी पत्नी का कहना है कि 17 जुलाई तक उनकी तबीयत ठीक थी और अस्पताल प्रशासन पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल उनके निजी डॉक्टरों को Wangchuk से मिलने नहीं दे रहा है और पोटैशियम लेवल की रिपोर्ट में भी अंतर है। Gitanjali ने मांग की है कि उनके पति को जल्द से जल्द डिस्चार्ज कर उनकी पसंद के अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब Sonam Wangchuk ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। वह लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य के दर्जे की मांग भी कर रहे हैं।
इस बीच, Cockroach Janata Party (CJP) के फाउंडर Abhijeet Dipke ने भी उनके समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की योजना है, जिसमें Wangchuk की पत्नी ने हिस्सा लेने की बात कही है अगर उनके पति शामिल नहीं हो पाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से Safdarjung Hospital और जंतर-मंतर के आसपास पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।