Bihar के Siwan में नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विरोध जताने के लिए कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर एक मृत जानवर को टांग दिया। यह हड़ताल 7 मई 2026 से शुरू हुई है, जिस
Bihar के Siwan में नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विरोध जताने के लिए कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर एक मृत जानवर को टांग दिया। यह हड़ताल 7 मई 2026 से शुरू हुई है, जिसके कारण पूरे शहर में गंदगी का ढेर लग गया है और लोग दुर्गंध से परेशान हैं।
सफाई कर्मी क्यों कर रहे हैं हड़ताल?
Bihar State Local Body Employees Federation (ACTU) के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कर्मियों का कहना है कि उनके ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का पैसा लंबे समय से जमा नहीं किया गया है। साथ ही, कई महीनों की सैलरी भी बकाया है। यूनियन लीडर अमित कुमार के मुताबिक, डीएम विवेक रंजन मैत्री ने पहले निर्देश दिया था कि बकाया भुगतान होने तक अन्य पेमेंट न किए जाएं, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी और करीब 90 लाख रुपये के ईपीएफ का भुगतान नहीं हुआ।
नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के क्या आरोप हैं?
हड़ताली कर्मियों ने नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि 465 सफाई कर्मियों के लिए टेंडर एनजीओ को दिया गया, लेकिन असल में सिर्फ 150 से 200 लोग ही काम कर रहे हैं और बाकी का पैसा हड़पा जा रहा है। इसके अलावा, बिना बोर्ड की मंजूरी के निजी फायदे के लिए 23 ट्रैक्टर खरीदने का आरोप भी लगाया गया है। कर्मियों ने अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अभद्र व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है।
आम जनता पर क्या पड़ रहा है असर?
सफाई कर्मियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से Siwan शहर की हालत खराब हो गई है। सड़कों और गलियों में कूड़ा जमा होने से भारी बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि नगर परिषद के अन्य काम जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मैप अप्रूवल और टैक्स कलेक्शन का काम भी पूरी तरह ठप हो गया है। लोग अब प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सीवान में सफाई कर्मियों की हड़ताल कब से शुरू हुई?
यह हड़ताल गुरुवार, 7 मई 2026 से शुरू हुई है, जिसमें नगर परिषद के सफाई कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है।
सफाई कर्मियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मियों की मुख्य मांग बकाया वेतन का भुगतान और ईपीएफ (EPF) व ईएसआई (ESI) के Contributions को जमा करना है।