Delhi: दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital के डॉक्टरों ने एक बहुत ही मुश्किल सर्जरी करके एक 34 साल की महिला को नए हाथ दिए हैं। यह महिला हरियाणा के एक गांव की रहने वाली है और दो बच्चों की मां है। एक हादसे में उसने अपने दोनों
Delhi: दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital के डॉक्टरों ने एक बहुत ही मुश्किल सर्जरी करके एक 34 साल की महिला को नए हाथ दिए हैं। यह महिला हरियाणा के एक गांव की रहने वाली है और दो बच्चों की मां है। एक हादसे में उसने अपने दोनों हाथ खो दिए थे, लेकिन अब डॉक्टरों की मेहनत और एक अंगदाता की मदद से उसे दोबारा सामान्य जीवन जीने का मौका मिला है।
कैसे हुआ यह हादसा और कब हुई सर्जरी
यह महिला जुलाई 2024 में एक हादसे का शिकार हुई थी। मिर्गी का दौरा पड़ने की वजह से उसका हाथ चारा काटने वाली मशीन में आ गया था, जिससे उसके दोनों हाथ कट गए थे। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को Sir Ganga Ram Hospital में उसकी सर्जरी की गई। यह ऑपरेशन 10 घंटे से ज्यादा चला, जिसमें प्लास्टिक सर्जरी टीम के साथ कई अन्य विभागों के विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया।
किसे मिले हाथ और कौन था अंगदाता
यह सर्जरी संभव हो पाई क्योंकि दिल्ली के एक 55 साल के व्यक्ति के परिवार ने अंग दान करने का फैसला किया। वह व्यक्ति ब्रेन-डेड हो चुका था, जिसके बाद उसके परिवार की सहमति से उसके हाथ और लीवर दान किए गए। अस्पताल के डॉक्टर डॉ. अनुभव गुप्ता ने बताया कि इस तरह की सर्जरी बहुत जटिल होती है और इसमें एक-एक मिनट की कीमत होती है ताकि ग्राफ्ट को बचाया जा सके।
अस्पताल की यह बड़ी उपलब्धि
Sir Ganga Ram Hospital उत्तर भारत का पहला ऐसा अस्पताल है जिसे फरवरी 2023 में हाथ ट्रांसप्लांट करने की अनुमति मिली थी। इस अस्पताल में यह दूसरा सफल बाईलैटरल हैंड ट्रांसप्लांट है। इससे पहले जनवरी 2024 में एक पेंटर के हाथों का सफल ट्रांसप्लांट किया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि अंग दान करना किसी को नया जीवन देने जैसा है, ठीक वैसे ही जैसे नेत्र दान होता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महिला ने अपने हाथ कैसे खोए थे
जुलाई 2024 में मिर्गी का दौरा पड़ने के कारण महिला का हाथ चारा काटने वाली मशीन में आ गया था, जिससे उसके दोनों हाथ कट गए थे।
यह सर्जरी कब और कहां हुई
यह सर्जरी 21 अप्रैल 2026 को दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital में हुई, जो करीब 10 घंटे तक चली।