Delhi के Sir Ganga Ram Hospital में पित्त की थैली की सर्जरी हुई आसान, अब बिना बड़े निशानों के होगा इलाज
Delhi: दिल्ली के मशहूर Sir Ganga Ram Hospital ने पित्त की थैली की पथरी के इलाज के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक शुरू की है। इस नई Mini Laparoscopic तकनीक से अब मरीजों को सर्जरी के बाद बड़े निशान नहीं पड़ेंगे और वे बहुत जल्दी
Delhi: दिल्ली के मशहूर Sir Ganga Ram Hospital ने पित्त की थैली की पथरी के इलाज के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक शुरू की है। इस नई Mini Laparoscopic तकनीक से अब मरीजों को सर्जरी के बाद बड़े निशान नहीं पड़ेंगे और वे बहुत जल्दी ठीक हो सकेंगे। यह सुविधा दिल्ली-एनसीआर के मरीजों के लिए काफी राहत भरी साबित होगी।
अस्पताल ने बताया कि वे अब 5-5-2-2 तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। आम तौर पर होने वाली लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में बड़े छेद किए जाते हैं, लेकिन इस नई तकनीक में दो 5 मिलीमीटर और दो 2 मिलीमीटर के छोटे पोर्ट्स का उपयोग होता है। इससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों को कम नुकसान पहुँचता है, जिससे ऑपरेशन के बाद दर्द बहुत कम होता है और रिकवरी तेजी से होती है।
Sir Ganga Ram Hospital के लैप्रोस्कोपिक, लेजर और जनरल सर्जरी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. तरुण मित्तल ने बताया कि इस तरीके से टिश्यू को कम नुकसान होता है और कॉस्मेटिक तौर पर भी यह बेहतर है क्योंकि निशान बहुत छोटे होते हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक हर उस मरीज के लिए फायदेमंद है जो इसके लिए योग्य है। अस्पताल का दावा है कि दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल वे अकेले ऐसे केंद्र हैं जो इस खास मिनी-लैप्रोस्कोपिक तकनीक से पित्त की थैली निकालने का इलाज कर रहे हैं।
इस सर्जरी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मरीज ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद उठकर चल सकते हैं। साथ ही, वे कुछ ही दिनों में अपनी रोजमर्रा की हल्की गतिविधियों पर वापस लौट सकते हैं। इस सफल प्रक्रिया में डॉ. तरुण मित्तल के साथ डॉ. आशीष डे, डॉ. अनमोल आहूजा और डॉ. श्रेष्ठ मांगलिक की टीम शामिल रही।