Sikkim में हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में धमाका, 10 की मौत और 15 मजदूर अब भी लापता
Sikkim: दक्षिण सिक्किम के सामरडुंग में बन रहे तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर हुए जोरदार धमाके में अब तक 10 से 11 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 15 मजदूर अब
Sikkim: दक्षिण सिक्किम के सामरडुंग में बन रहे तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर हुए जोरदार धमाके में अब तक 10 से 11 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 15 मजदूर अब भी अंदर फंसे हुए हैं। बचाव दल मौके पर मौजूद है, लेकिन जहरीली गैसों की वजह से ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
यह हादसा सोमवार, 20 जुलाई 2026 को दोपहर 1:04 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि चट्टानों के बीच फंसी मीथेन गैस अचानक फटने से यह धमाका हुआ, जिससे पूरी टनल में जहरीला धुआं भर गया। धमाके के बाद वहां भूस्खलन भी हुआ, जिसने हालात को और खराब कर दिया। NHPC और ठेकेदार कंपनी Patel Engineering के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटनास्थल का दौरा किया और पुष्टि की कि यह हादसा मीथेन गैस के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचाव कार्य की जानकारी ली है और केंद्र सरकार से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। नामची की जिला मजिस्ट्रेट अनुपम तमलिंग और पुलिस अधीक्षक सोनम डोलमा भुटिया भी अपडेट दे रही हैं।
बचाव कार्य में NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर सर्विस और DGMS की स्पेशल टीम जुटी हुई है। टनल के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी है और मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें मौजूद हैं। इस वजह से कई बचावकर्मी बेहोश हो गए और उन्हें चक्कर आने लगे। बचाव दल अब ब्रीदिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल कर रहा है।
हादसे के समय 7 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल में करीब 25 से 38 लोग मौजूद थे। अब तक 7 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 3 की पहचान अभी बाकी है। दुखद बात यह है कि बचाव कार्य में मदद करने गए NHPC के 6 अधिकारी भी अंदर फंस गए हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ और कमजोर हो रहे हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार धीमी हो गई है।