Delhi: दिल्ली के रहने वाले Sidharth Uniyal ने अपनी शारीरिक तकलीफों को मात देकर दुनिया को हैरान कर दिया है। जिन्हें लोग ‘BadKneesGuru’ के नाम से जानते हैं, उन्होंने महज 5 दिन और 5 घंटे के भीतर 6,000 मीटर से ऊं
Delhi: दिल्ली के रहने वाले Sidharth Uniyal ने अपनी शारीरिक तकलीफों को मात देकर दुनिया को हैरान कर दिया है। जिन्हें लोग ‘BadKneesGuru’ के नाम से जानते हैं, उन्होंने महज 5 दिन और 5 घंटे के भीतर 6,000 मीटर से ऊंची चार हिमालयन चोटियों पर चढ़ाई पूरी की। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि सिद्धार्थ के घुटनों में गंभीर चोटें थीं और उन्होंने कई सर्जरी भी करवाई थीं।
Sidharth Uniyal ने किन चोटियों पर किया फतह
सिद्धार्थ ने ‘Project BadKnees’ के तहत मई 2026 में यह कठिन सफर पूरा किया। उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर इन चोटियों की चढ़ाई की:
- Nirekha Peak (6,159m) – 11 मई, 2026
- Lobuche Peak (6,119m) – 13 मई, 2026
- Island Peak (6,189m) – 15 मई, 2026
- Mera Peak (6,476m) – 16 मई, 2026
इस अभियान के दौरान एक पांचवीं चोटी Pachermo Peak पर भी चढ़ने की योजना थी, लेकिन भारी बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से उसे छोड़ना पड़ा।
चोट और सर्जरी के बाद कैसे संभव हुआ यह कारनामा
Sidharth Uniyal के बाएं घुटने में ACL नहीं है और वह तीन ACL सर्जरी करवा चुके हैं। उनके घुटनों के कार्टिलेज और मेनिस्कस को भी काफी नुकसान पहुंचा था। हैरानी की बात यह है कि इस अभियान से ठीक 15 दिन पहले उनके घुटने में फिर से मोच आ गई थी। उन्होंने बताया कि लोग चोट से ज्यादा उस डर से सीमित होते हैं जो वे उससे जोड़ लेते हैं।
किसे मिला इस अभियान में साथ
इस मिशन को पूरा करने में बेंगलुरु की एडवेंचर फर्म TrekNomads और Granimals ने सिद्धार्थ का साथ दिया। Granimals के जरिए उन्होंने ‘Mountain Fit Assessment Program’ भी बनाया ताकि अन्य पर्वतारोहियों को तैयारी में मदद मिल सके। पूरी टीम का नेतृत्व Pemba Tashi Sherpa ने किया। TrekNomads के को-फाउंडर Naveen Mallesh ने कहा कि यह अभियान इंसान की क्षमता को नए सिरे से परिभाषित करने जैसा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sidharth Uniyal को ‘BadKneesGuru’ क्यों कहा जाता है?
सिद्धार्थ को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने घुटनों की गंभीर चोटों, तीन ACL सर्जरी और बिना ACL के भी पर्वतारोहण जैसी कठिन चुनौतियों को पूरा किया है।
Project BadKnees का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य उन लोगों को प्रेरित करना था जो चोट, डर या आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहे हैं, ताकि वे जान सकें कि शरीर और मन की क्षमता उम्मीद से कहीं ज्यादा होती है।