श्रावणी मेला 2026: भागलपुर और बांका में श्रद्धालुओं के लिए हाई-टेक सुविधाएं, टेंट सिटी और AI कैमरों की होगी व्यवस्था
Bihar/Bhagalpur: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के ल
Bihar/Bhagalpur: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और PHED पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल से लेकर सुरक्षा तक की हाई-टेक व्यवस्था की जा रही है।
बिहार सरकार और PHED मंत्री संजय सिंह ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसी के तहत कांवड़िया पथ पर आरओ आधारित पेयजल प्रणाली, वाटर एटीएम और वाटर स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे। सुलतानगंज में आठ जगहों पर ठंडे पानी (Chilled Water) की व्यवस्था होगी। साफ-सफाई का खास ख्याल रखते हुए सुलतानगंज में 1200 अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो चार पालियों में काम करेंगे।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और सुरक्षा के इंतजाम काफी आधुनिक होंगे। मुंगेर में 26 किलोमीटर लंबा कांवड़िया पथ AI-आधारित CCTV कैमरों से लैस होगा। साथ ही, भागलपुर, बांका और मुंगेर में कुल 2650 बेड की टेंट सिटी बनाई जाएगी।
| स्थान | बेड की क्षमता/सुविधा |
|---|---|
| सुलतानगंज (अजगैबीनाथ परिसर) | 500 बेड टेंट सिटी |
| बांका (अबरखा) | 600 बेड हाई-टेक टेंट सिटी |
| बांका (धौरी और गोड़ियारी) | 450 बेड (200+250) |
| मुंगेर (खैरा और धोबई) | 400 बेड (200+200) |
| मुंगेर (असरगंज, तारापुर, संग्रामपुर) | 700 बेड (300+200+200) |
कांवड़िया पथ को शिवमय बनाने के लिए बिजली के खंभों पर डिजिटल एलईडी लाइटें, डमरू और त्रिशूल जैसे धार्मिक प्रतीक लगाए जाएंगे। अजगैबीनाथ मंदिर से दुम्मा बॉर्डर तक सोलर लाइटें और हाईमास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं। पहली बार श्रद्धालुओं के लिए लॉकर रूम और चेंजिंग रूम की सुविधा मिलेगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अजगैबीनाथ मंदिर में आधुनिक अरघा सिस्टम लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो भागलपुर सीमा में 13 हाई-टेक स्वास्थ्य शिविर बनेंगे, जहां 53 विशेषज्ञ डॉक्टर 24 घंटे तैनात रहेंगे। झारखंड के देवघर में भी हर पांच किलोमीटर पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे और 200 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा के लिए पंडा, दुकानदार और फोटोग्राफरों का पहचान पत्र अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओं के मनोरंजन और जानकारी के लिए लेजर शो, ड्रोन शो और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया जाएगा।