Maharashtra: मुंबई के मशहूर Breach Candy Club को लेकर एक पुराना विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने बताया कि 1960 के दशक में उन्हें इस क्लब से बाहर निकाल दिया गया था। यह मामला तब गरमाया जब द
Maharashtra: मुंबई के मशहूर Breach Candy Club को लेकर एक पुराना विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने बताया कि 1960 के दशक में उन्हें इस क्लब से बाहर निकाल दिया गया था। यह मामला तब गरमाया जब दिल्ली के Delhi Gymkhana Club को सरकार द्वारा टेकओवर करने की खबर आई, जिससे पुराने क्लबों में मौजूद भेदभावपूर्ण नियमों पर बहस शुरू हो गई है।
Breach Candy Club में क्या है विवादित नियम
Shashi Tharoor ने X पर पोस्ट कर बताया कि इस क्लब में आज भी एक नस्लीय प्रावधान मौजूद है। आरोप है कि क्लब के नियमों के मुताबिक, इसके Trust Committee में केवल मुंबई के यूरोपीय निवासियों (European residents) को ही जगह मिल सकती है। भारतीय सदस्य सामान्य सदस्यता तो ले सकते हैं, लेकिन मैनेजमेंट और बड़े फैसलों में उनकी एंट्री बंद है। यह क्लब सरकारी जमीन पर बना है, इसलिए इसे लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं।
Delhi Gymkhana Club और कानूनी लड़ाई
यह पूरा विवाद दिल्ली के Delhi Gymkhana Club के मामले से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों से इस क्लब को 5 जून 2026 तक खाली करने का नोटिस दिया था। हालांकि, Delhi High Court ने कहा है कि 5 जून से पहले जबरन कब्जा नहीं किया जाएगा और अगली सुनवाई जुलाई के अंत में होगी। पूर्व RAW चीफ A.S. Dulat ने इस क्लब की विरासत का बचाव किया है, जबकि पूर्व IAS अधिकारी Ashok Khemka ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है।
विशेषज्ञों और दिग्गजों ने क्या कहा
औद्योगिकपति Harsh Goenka ने इस बात पर हैरानी जताई कि 2026 में भी किसी भारतीय को Breach Candy Club की ट्रस्ट कमेटी में जगह नहीं मिल सकती। वेंचर कैपिटलिस्ट Kaushik Subramanian ने इसे Delhi Gymkhana से भी बदतर बताया। वहीं, आर्मी रिटायर्ड कर्नल Rohit Dev का मानना है कि इस क्लब को कोई डिप्लोमैटिक छूट नहीं मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह भारतीय होना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Breach Candy Club में भारतीयों के साथ क्या भेदभाव हो रहा है
आरोप है कि क्लब के संविधान के अनुसार, इसकी Trust Committee में केवल यूरोपीय निवासी ही सदस्य बन सकते हैं, जिससे भारतीयों को मैनेजमेंट और नीतिगत फैसलों से बाहर रखा गया है।
Delhi Gymkhana Club को लेकर सरकार का क्या स्टैंड है
केंद्र सरकार ने सुरक्षा और रक्षा जरूरतों का हवाला देते हुए क्लब को खाली करने का नोटिस दिया है, जिस पर फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।