Delhi में भीड़ कंट्रोल के लिए Pellet Gun के इस्तेमाल पर रोक की मांग, Supreme Court में याचिका दायर

Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पेलेट गन (Pellet Gun) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका रिटायर्ड IPS अधिकारी यशोवर्धन आजाद और

Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पेलेट गन (Pellet Gun) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका रिटायर्ड IPS अधिकारी यशोवर्धन आजाद और दो अन्य लोगों ने लगाई है, जिन्हें हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान चोटें आई थीं। याचिका में मांग की गई है कि आम जनता की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन हथियारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

मामला 20 जुलाई 2026 का है, जब NEET पेपर लीक के खिलाफ Cockroach Janta Party (CJP) ने जंतर मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला था। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पेलेट गन से निकलने वाली गोलियां अनियंत्रित होती हैं और शरीर के नाजुक अंगों, खासकर आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। याचिका में इसे असंवैधानिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।

इस मामले में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस ने पहले पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था, लेकिन पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की जनरल डायरी से पता चला कि RAF ने एक DCP के आदेश पर दो राउंड फायरिंग की थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। एक 19 साल के प्रदर्शनकारी साहिल लोचाब की हालत गंभीर है और उसकी दाईं आंख की रोशनी जाने का खतरा है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने पैरवी की है। उन्होंने कहा कि बिना हथियार की भीड़ पर ऐसे हथियारों का इस्तेमाल गैरकानूनी है। याचिका में मांग की गई है कि घायल लोगों को उचित मुआवजा मिले और उनका पूरा इलाज कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट आज यानी 28 जुलाई 2026 को इस याचिका और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर सकता है।