Saudi Arabia और US ने मिला कर इराक में ईरान समर्थित समूहों पर किए हमले, ड्रोन हमलों का लिया बदला
World : सऊदी अरब और अमेरिका ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। यह कार्रवाई सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए कई ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक,
World : सऊदी अरब और अमेरिका ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। यह कार्रवाई सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए कई ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये हमले बुधवार तड़के किए गए, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को अंजाम दिया बताया है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि आतंकवादी मिलिशिया ने इराकी जमीन से ड्रोन लॉन्च किए थे, जिससे उनके ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब ने इसे आत्मरक्षा का अधिकार बताया है और कहा कि वह तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन किसी भी हमले का जवाब जरूर देगा। वहीं, US सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उन्होंने सऊदी अरब की सेना के साथ मिलकर पूर्वी इराक में कई हथियारों के ठिकानों और लॉजिस्टिक्स साइट्स को निशाना बनाया।
इस पूरे मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं:
- पिछले 72 घंटों में सऊदी अरब के रियाद और पूर्वी प्रांत में 30 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए।
- इन हमलों के पीछे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ होने का आरोप है।
- मंगलवार को अमेरिका ने ईरान द्वारा दागे गए कई बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नाकाम किया।
- इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने इन हमलों की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि वह इराकी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमले के लिए नहीं होने देंगे।
दूसरी तरफ, इराक के ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस’ समूह ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है और सऊदी अरब की कार्रवाई को मूर्खतापूर्ण कहा है। ईरान ने भी इन हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है। तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोका और उन पर हमला किया।