Saudi Arabia में तेल सुविधाओं को निशाना बनाने वाले ड्रोन ढेर, इराक के मिलिशिया पर लगाया आरोप

World : सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद में तेल सुविधाओं की तरफ बढ़ रहे कई ड्रोन को वहां के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। यह हमला सोमवार, 27 जुलाई और मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को हुआ। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों क

World : सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद में तेल सुविधाओं की तरफ बढ़ रहे कई ड्रोन को वहां के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। यह हमला सोमवार, 27 जुलाई और मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को हुआ। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के लिए इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है।

सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि ये ड्रोन इराक की जमीन से लॉन्च किए गए थे। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने का पूरा हक है और वह सही समय और जगह पर इसका जवाब देगा। सऊदी विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इराकी सरकार से मांग की है कि वह अपनी सीमाओं को सुरक्षित करे ताकि उसकी जमीन का इस्तेमाल सऊदी अरब पर हमले के लिए न हो सके।

दूसरी तरफ, इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए। इराकी सेना ने भी कहा है कि वह अपनी जमीन को किसी भी पड़ोसी या मित्र देश पर हमले के लिए इस्तेमाल होने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, इराक में ईरान समर्थित समूहों के छतरी संगठन ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने दावा किया कि यह हमले यमन के हूती विद्रोहियों ने किए हो सकते हैं और सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि किसी भी गलत कदम का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

इस तनाव के बीच यह भी खबर आई है कि 27 जुलाई को जॉर्डन और इजराइल ने भी अपने इलाके में ड्रोन पकड़े हैं, जिनकी जांच चल रही है। तेल सुविधाओं पर हुए इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखता है।