Saudi Arabia के शहरों में गूंजे इमरजेंसी सायरन, हूती विद्रोहियों ने तेल रिफाइनरी पर किए मिसाइल और ड्रोन हमले
World: सऊदी अरब के लाल सागर किनारे बसे शहरों यानबू (Yanbu) और जिज़ान (Jizan) में शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अचानक इमरजेंसी सायरन बजने लगे। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की तेल रिफाइनरिय
World: सऊदी अरब के लाल सागर किनारे बसे शहरों यानबू (Yanbu) और जिज़ान (Jizan) में शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अचानक इमरजेंसी सायरन बजने लगे। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने के लिए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब हूतियों ने इसे यमन के होदेइदा पोर्ट पर सऊदी हमलों का बदला बताया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उन्होंने जिज़ान में अरामको (Aramco) से जुड़ी संवेदनशील सुविधाओं पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। इसी तरह यानबू में भी क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हूतियों का कहना है कि उनके इन ऑपरेशनों ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी अरब ने अपनी कार्रवाई बढ़ाई, तो वे और भी कड़ी प्रतिक्रिया देंगे।
सऊदी सिविल डिफेंस ने शनिवार सुबह यानबू और जिज़ान के निवासियों को संभावित खतरे की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में खतरा टलने के बाद हटा लिया गया। हालांकि, सऊदी सरकार या अरामको की तरफ से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि रिफाइनरियों को कितना नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ, ग्रीस ने बताया कि सऊदी अरब में तैनात उनके पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ने यानबू की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
इस बीच, नासा (NASA) के सैटेलाइट डेटा और कुछ वीडियो फुटेज में जिज़ान स्थित अरामको रिफाइनरी से काले धुएं के गुबार और आग के निशान देखे गए हैं। ट्रेडिंग सूत्रों के मुताबिक, जिज़ान में ईंधन और तेल स्टोरेज साइट्स को नुकसान पहुंचने की खबर है। यह तनाव तब बढ़ा जब सऊदी गठबंधन ने शुक्रवार रात यमन के होदेइदा पोर्ट और कामरान द्वीप पर हवाई हमले किए थे, जिसमें हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दो लोग घायल हुए थे। सऊदी अरब ने कहा है कि उन्होंने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।