Saudi Arabia ने रोका तेल का निर्यात, Bab Al Mandeb की जगह Suez Canal का सहारा, बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दाम
World: सऊदी अरब ने Bab Al Mandeb जलडमरूमध्य के जरिए कच्चे तेल का निर्यात रोक दिया है। यह फैसला यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी जहाजों पर लगाए गए समुद्री प्रतिबंध के बाद लिया गया है। अब सऊदी अरब अपने तेल को एशियाई बाज
World: सऊदी अरब ने Bab Al Mandeb जलडमरूमध्य के जरिए कच्चे तेल का निर्यात रोक दिया है। यह फैसला यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी जहाजों पर लगाए गए समुद्री प्रतिबंध के बाद लिया गया है। अब सऊदी अरब अपने तेल को एशियाई बाजारों तक पहुँचाने के लिए Suez Canal का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे वहां तेल की आवाजाही काफी बढ़ गई है।
हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई 2026 के आसपास यह प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सऊदी बंदरगाहों से सामान लादने या उतारने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके जवाब में सऊदी सेना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले ऐसे खतरों से सख्ती से निपटा जाएगा। यूरोपीय संघ के नेवल मिशन ने भी इस खतरे को देखते हुए सऊदी, अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़े जहाजों को लाल सागर और अदन की खाड़ी से बचने की सलाह दी है।
इस पूरे मामले का असर अब तेल की कीमतों और शिपिंग खर्च पर पड़ रहा है। हूती अधिकारियों का दावा है कि इस नाकेबंदी की वजह से तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। वहीं, जहाजों के लिए बीमा लागत में 150% की बढ़ोतरी हो गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निर्यात का नया रास्ता | Suez Canal |
| Suez Canal में वॉल्यूम वृद्धि | 106% (1.06 मिलियन बैरल प्रतिदिन) |
| सफर का समय (Yanbu से South Korea) | 24 दिन से बढ़कर 54 दिन |
| बीमा लागत में वृद्धि | 150% |
| प्रतिबंध की तारीख | 20 जुलाई 2026 |
| मुख्य प्रभावित कंपनी | Saudi Aramco |
रास्ता बदलने से न केवल समय बढ़ गया है, बल्कि ईंधन का खर्च और टोल टैक्स भी ज्यादा देना पड़ रहा है। हूती विद्रोहियों ने यह कदम सऊदी अरब द्वारा सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाने और यमन की लंबी नाकेबंदी के जवाब में उठाया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।