Saudi Arabia के ग्रैंड मस्जिद में अब फोन पर दिखेगी भीड़ की जानकारी, भगदड़ रोकने के लिए शुरू हुआ नया डिजिटल सिस्टम

World: सऊदी अरब की ग्रैंड मस्जिद में आने वाले जायरीन अब अपने होटल से निकले बिना ही यह जान सकेंगे कि मस्जिद में कितनी भीड़ है। इसके लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जो अलग-अलग प्रार्थना क्षेत्रों की भीड़ का

World: सऊदी अरब की ग्रैंड मस्जिद में आने वाले जायरीन अब अपने होटल से निकले बिना ही यह जान सकेंगे कि मस्जिद में कितनी भीड़ है। इसके लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जो अलग-अलग प्रार्थना क्षेत्रों की भीड़ का डेटा सीधे मोबाइल फोन और वहां लगी स्क्रीन पर दिखाएगा। यह कदम खास तौर पर भीड़भाड़ वाले समय में भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।

इस सुविधा के जरिए जायरीन अब माताफ और मसाआ क्षेत्रों में भीड़ के स्तर की रियल टाइम निगरानी कर सकते हैं। यह सर्विस QR कोड और आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध है। इसमें कलर-कोडेड संकेतक लगाए गए हैं, जिसमें हरा रंग खाली जगह और लाल रंग पूरी क्षमता तक भीड़ होने का संकेत देता है। इससे लोगों को तवाफ और सई के लिए कम भीड़ वाले रास्तों को चुनने में मदद मिलेगी।

यह पूरी पहल सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद पवित्र मस्जिदों के प्रबंधन में स्मार्ट टेक्नोलॉजी को जोड़ना है। जनरल अथॉरिटी फॉर द केयर ऑफ द अफेयर्स ऑफ द ग्रैंड मस्जिद एंड द प्रॉफेट्स मस्जिद ने इस सिस्टम को लागू किया है। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू किया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जा सके।

जायरीनों को नुसुक (Nusuk) ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इस ऐप के जरिए डिजिटल परमिट लेना, प्रार्थना के लिए समय बुक करना और भीड़ के बारे में अपडेट पाना आसान हो गया है। इसके अलावा, मस्जिद के अंदर नेविगेशन को बेहतर बनाने के लिए एक नया भौगोलिक कोडिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है, ताकि लाखों की संख्या में आने वाले लोग बिना किसी परेशानी के आवाजाही कर सकें।