World : Middle East में तनाव चरम पर पहुंच गया है। Saudi Arabia की Royal Saudi Air Force ने Iran के सैन्य ठिकानों पर कई सटीक हवाई हमले किए। ये हमले पिछले 48 घंटों में सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हुए ईरानी हमलों के जवाब
World : Middle East में तनाव चरम पर पहुंच गया है। Saudi Arabia की Royal Saudi Air Force ने Iran के सैन्य ठिकानों पर कई सटीक हवाई हमले किए। ये हमले पिछले 48 घंटों में सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में किए गए। यह पहली बार है जब सऊदी अरब ने सीधे तौर पर ईरानी जमीन पर सैन्य कार्रवाई की है।
Saudi Arabia और Iran के बीच क्या हुआ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले मार्च 2026 के अंत में किए गए थे, जिसकी जानकारी मई 2026 में सामने आई। सऊदी अरब ने इन हमलों के बाद राजनयिक चैनलों के जरिए ईरान को सूचित किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत हुई और एक अनौपचारिक समझौता हुआ। इस समझौते के बाद सऊदी अरब पर होने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों में भारी कमी आई।
युद्ध की शुरुआत और अन्य देशों की भूमिका
इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब US और Israel ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद UAE ने भी अप्रैल की शुरुआत में ईरान की एक ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने पहले ही कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो सऊदी अरब सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
विशेषज्ञों की राय और वर्तमान स्थिति
International Crisis Group के अली वाएज़ ने बताया कि हमलों के बाद तनाव कम करने का फैसला यह बताता है कि दोनों देश जानते हैं कि अनियंत्रित युद्ध की कीमत बहुत भारी होगी। सऊदी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने सीधे तौर पर हमलों की पुष्टि नहीं की, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की बात कही। ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने ईरान पर हमला क्यों किया?
सऊदी अरब ने यह कार्रवाई पिछले 48 घंटों में अपने बुनियादी ढांचे पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में की थी। Royal Saudi Air Force ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
क्या इस हमले के बाद युद्ध शुरू हो गया है?
हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक अनौपचारिक समझौता हुआ। इससे ड्रोन और मिसाइल हमलों में कमी आई है, जिससे फिलहाल बड़े युद्ध को टालने की कोशिश की गई है।