Delhi: MCD स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन दोबारा बनीं Satya Sharma, AAP ने टोल टेंडर में लगाया 500 करोड़ के घोटाले का आरोप

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्टैंडिंग कमेटी में एक बार फिर BJP का दबदबा कायम रहा है। सोमवार, 27 जुलाई 2026 को BJP पार्षद Satya Sharma को दूसरी बार निर्विरोध चेयरपर्सन चुना गया। उनके साथ ही Satyapal Singh को निर्विरोध

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्टैंडिंग कमेटी में एक बार फिर BJP का दबदबा कायम रहा है। सोमवार, 27 जुलाई 2026 को BJP पार्षद Satya Sharma को दूसरी बार निर्विरोध चेयरपर्सन चुना गया। उनके साथ ही Satyapal Singh को निर्विरोध डिप्टी चेयरपर्सन बनाया गया है। इन दोनों ने 21 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल किया था।

अपनी जीत के बाद Satya Sharma ने BJP नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य 2022 के चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा करना और पिछले बजट के विकास कार्यों को जमीन पर उतारना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्टैंडिंग कमेटी में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा।

दूसरी तरफ, MCD में इस चुनाव के बीच टोल टैक्स टेंडर को लेकर भारी विवाद शुरू हो गया है। AAP के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता Ankush Narang ने टोल (ECC) कलेक्शन टेंडर में 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि टेंडर की शर्तों में बिना किसी चर्चा के बदलाव किए गए ताकि कुछ खास प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके।

AAP का कहना है कि इन बदलावों की वजह से कॉम्पिटिशन कम हो गया और केवल दो कंपनियां ही रेस में रहीं, जिससे MCD को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है। Ankush Narang ने MCD कमिश्नर Ashwani Kumar से इस मामले में जवाब मांगा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इस मामले में दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, Skylark Infra Engineering और Sri Sai Enterprises ने भी मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत भेजी थी। उनका आरोप है कि टेंडर की पात्रता शर्तों में हेराफेरी की गई है। यह मामला फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है, जहां बहस पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

वहीं, MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से टोल टैक्स हटाने का कोई आदेश नहीं आया है। निगम अब एक नया टोल टेंडर फाइनल कर रहा है, जिसमें RFID और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। एडिशनल कमिश्नर Swetika Sacchan ने बताया कि टोल टैक्स के मामले की जांच CAQM और एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी कर रही है।