Delhi: साकेत सेशन कोर्ट ने अभिजित अय्यर-मित्रा (Abhijit Iyer-Mitra) को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के पिछले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम पाठक ने सुनाया, जिसके बा
Delhi: साकेत सेशन कोर्ट ने अभिजित अय्यर-मित्रा (Abhijit Iyer-Mitra) को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के पिछले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम पाठक ने सुनाया, जिसके बाद अब 28 मई तक उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?
यह विवाद सोशल मीडिया पर किए गए कुछ पोस्ट से शुरू हुआ था। आरोप था कि अभिजित अय्यर-मित्रा ने फरवरी और अप्रैल 2025 में कुछ आपत्तिजनक बातें लिखी थीं। इससे पहले जुडिशियल मजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह ने माना था कि इन पोस्ट में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली बातें थीं और FIR का आदेश दिया था। अब सेशन कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए दिल्ली पुलिस और शिकायतकर्ता पत्रकारों को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट में दोनों पक्षों की क्या दलीलें रहीं?
अभिजित अय्यर-मित्रा के वकीलों ने दलील दी कि उनके कमेंट्स दरअसल Newslaundry के कंटेंट का जवाब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वह प्लेटफॉर्म खुद विवादित सामग्री का इस्तेमाल करता है। वहीं, शिकायतकर्ता पत्रकारों की वकील बानी दीक्षित ने इस राहत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने में देरी की गई है और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश हो रही है।
आगे की कार्रवाई और अगली तारीख
अदालत ने यह रोक इसलिए लगाई ताकि अभिजित की याचिका का फैसला आने से पहले ही मामला खत्म न हो जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2026 को होगी। तब तक मजिस्ट्रेट कोर्ट का वह आदेश प्रभावी नहीं रहेगा जिसमें BNS की धारा 75(3) और 79 के तहत मामला दर्ज करने को कहा गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अभिजित अय्यर-मित्रा पर आरोप क्या थे?
उन पर आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे कमेंट्स किए जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाते हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इसे BNS की धारा 75(3) और 79 के तहत अपराध माना था।
कोर्ट ने अब क्या आदेश दिया है?
साकेत सेशन कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह रोक अगली सुनवाई की तारीख 28 मई 2026 तक लागू रहेगी।