रूस के पूर्व सैनिक ने बिना नकली पैरों के फतह किया माउंट एवरेस्ट, दुनिया में रचा इतिहास

World : रूस के 34 साल के पूर्व सैनिक Rustam Nabiev ने वह कर दिखाया जिसे दुनिया नामुमकिन मानती थी। उन्होंने बिना किसी प्रोस्थेटिक पैरों (नकली पैरों) के सहारे, सिर्फ अपने हाथों के दम पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस

World : रूस के 34 साल के पूर्व सैनिक Rustam Nabiev ने वह कर दिखाया जिसे दुनिया नामुमकिन मानती थी। उन्होंने बिना किसी प्रोस्थेटिक पैरों (नकली पैरों) के सहारे, सिर्फ अपने हाथों के दम पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। 20 मई 2026 को सुबह 8:16 बजे नेपाल समय के अनुसार वह शिखर पर पहुंचे।

Rustam Nabiev की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि वह दुनिया के पहले ऐसे डबल एम्प्यूटी (दोनों पैरों से दिव्यांग) व्यक्ति बने हैं जिन्होंने बिना नकली पैरों के एवरेस्ट फतह किया। Rustam साल 2015 में रूस के Omsk में एक बैरक हादसे का शिकार हुए थे। उस दर्दनाक हादसे में उनके 24 साथी मारे गए थे और Rustam ने अपने दोनों पैर खो दिए थे। उस दौरान वह दो बार क्लिनिकल डेथ से भी गुजरे थे।

इस मुश्किल सफर में उन्हें उनकी पत्नी Indira Nabieva और पांच अनुभवी शेरपाओं का साथ मिला। Seven Summit Adventure की देखरेख में हुए इस अभियान में दो शेरपा हमेशा उनके साथ रहे और एक सदस्य लगातार उनके ऑक्सीजन लेवल की निगरानी कर रहा था। Rustam के लिए खुम्बु आइसफॉल सबसे कठिन हिस्सा था, जिसे पार करने में उन्हें करीब 15 घंटे लगे।

शिखर पर पहुंचकर उन्होंने एक बोर्ड पकड़ा जिस पर लिखा था कि यह उन लोगों के लिए है जो सोचते थे कि गिरने के बाद जीवन खत्म हो गया। उन्होंने वहां रूस का झंडा भी लगाया। इससे पहले उन्होंने 2020 में माउंट Elbrus और 2021 में दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट Manaslu पर भी चढ़ाई की थी। एवरेस्ट की तैयारी के लिए उन्होंने 22 अप्रैल 2026 को मेरा पीक (6,470 मीटर) भी सफलतापूर्वक चढ़ा था।

एवरेस्ट बेस कैंप के फील्ड ऑफिस कोऑर्डिनेटर Khim Lal Gautam और रिकॉर्ड होल्डर Lhakpa Sherpa ने उनकी इस कामयाबी की पुष्टि की। यह उपलब्धि 2023 में प्रोस्थेटिक पैरों की मदद से एवरेस्ट चढ़ने वाले हरि बुढ़ा मगर के रिकॉर्ड से भी आगे मानी जा रही है।