World : भारत की हवाई ताकत बढ़ाने के लिए रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूस ने भारत को अपने सबसे आधुनिक Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स के संयुक्त उत्पादन का ऑफर दिया है। इस डील के तहत कम से कम 100 विमान भारत में ही बनाए जा स
World : भारत की हवाई ताकत बढ़ाने के लिए रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूस ने भारत को अपने सबसे आधुनिक Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स के संयुक्त उत्पादन का ऑफर दिया है। इस डील के तहत कम से कम 100 विमान भारत में ही बनाए जा सकते हैं, जिससे चीन के J-20 जैसे खतरों से निपटने में मदद मिलेगी।
रूस के इस ऑफर में क्या खास है
रूस ने 16 अप्रैल 2026 को यह प्रस्ताव फिर से रखा है। इसमें सिर्फ विमान बेचना ही नहीं, बल्कि पूरी तकनीक (Technology Transfer) भारत को देने की बात कही गई है। रूस ने भारत को सोर्स कोड और स्थानीय स्तर पर सिस्टम जोड़ने का अधिकार देने का वादा किया है। भारत इसमें अपने खुद के बनाए Astra मिसाइल और रडार सिस्टम भी लगा सकेगा।
Maharashtra के Nashik में होगा निर्माण
रूस ने इन विमानों को बनाने के लिए HAL के Nashik प्लांट का सुझाव दिया है। यहाँ पहले से ही Su-30MKI विमान बन रहे हैं। HAL के सीएमडी डी.के. सुनील ने बताया कि रूसी टीम ने Nashik के इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच की है। उनके मुताबिक, करीब 50 प्रतिशत मौजूदा सुविधाओं का इस्तेमाल Su-57 बनाने के लिए किया जा सकता है, बस कुछ अपग्रेड करने होंगे।
IAF की क्या राय है और आगे क्या होगा
भारतीय वायुसेना (IAF) फिलहाल 100 विमानों के बजाय तुरंत 40 से 60 विमान खरीदने के पक्ष में है ताकि जल्द से जल्द स्टील्थ क्षमता हासिल की जा सके। यह कदम तब तक जरूरी है जब तक भारत का अपना AMCA प्रोग्राम तैयार नहीं हो जाता। रूस ने एक दो सीटों वाला वेरिएंट बनाने का भी प्रस्ताव दिया है, जिसका प्रोटोटाइप 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक आ सकता है।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| प्रस्तावित विमान |
Su-57 स्टील्थ फाइटर |
| कुल संख्या |
100 विमान (संयुक्त उत्पादन) |
| निर्माण स्थल |
HAL Nashik, Maharashtra |
| मुख्य खतरा |
चीन के J-20 और J-35 विमान |
| विशेष सुविधा |
पूरी तकनीक और सोर्स कोड का ट्रांसफर |