Odisha: केंद्र सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी क्षेत्रीय बैठक बुलाई है। Union Minister Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें Odi
Odisha: केंद्र सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी क्षेत्रीय बैठक बुलाई है। Union Minister Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें Odisha, Chhattisgarh, Bihar, Jharkhand और West Bengal के प्रतिनिधि शामिल हुए ताकि सरकारी योजनाओं का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचाया जा सके।
इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद देश की 140 करोड़ आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बैठक में दालों और तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने और छोटे खेतों को ज्यादा मुनाफे वाला बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा किसान रजिस्ट्री, बागवानी क्षेत्र के मौके और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा और क्या हैं नई रणनीतियां?
सरकार ने खाद और कीटनाशकों की कालाबाजारी रोकने और नकली सामानों पर लगाम लगाने की रणनीति बनाई है। बैठक में PM-AASHA और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने पर चर्चा हुई। राज्यों ने अपने सफल मॉडल भी साझा किए, जैसे बिहार ने मक्का उत्पादन और मार्केटिंग की अपनी रणनीति बताई, जबकि झारखंड ने स्टार्टअप और FPO के जरिए किसानों की मदद करने के तरीके साझा किए।
कॉन्फ्रेंस में शामिल मुख्य लोग और राज्यों की भूमिका
- आयोजक: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार।
- अध्यक्षता: शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री।
- शामिल राज्य: ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल।
- मुख्य अतिथि: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और डिप्टी सीएम के.वी. सिंह देव।
- अन्य सदस्य: राज्यों के कृषि मंत्री, वैज्ञानिक, बैंक अधिकारी और किसान प्रतिनिधि।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य पांच राज्यों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल बढ़ाना था ताकि किसानों की आय बढ़ सके और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में खाद और कीटनाशकों को लेकर क्या फैसला लिया गया?
बैठक में नकली कीटनाशकों और खादों पर नियंत्रण पाने, कालाबाजारी रोकने और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा की गई।