Finance: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट में बढ़ रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। अब 10,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर एक घंटे का ‘ब्रेक’ दिया जा सकता है। इसके अलावा 
Finance: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट में बढ़ रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। अब 10,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर एक घंटे का ‘ब्रेक’ दिया जा सकता है। इसके अलावा ‘किल स्विच’ जैसे 5 बड़े सुरक्षा फीचर्स लाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका सीधा असर UP, बिहार, दिल्ली और राजस्थान समेत पूरे देश के उन लोगों पर पड़ेगा जो अक्सर बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन करते हैं। RBI ने इन नियमों पर जनता से राय मांगी है।
क्या है 1 घंटे का ‘ब्रेक’ और कैसे काम करेगा?
जब आप 10,000 रुपये से ज्यादा का UPI या IMPS पेमेंट करेंगे, तो पैसा तुरंत सामने वाले के खाते में नहीं पहुंचेगा। इसके लिए एक घंटे का समय तय किया गया है जिसे कूलिंग पीरियड कहा जा रहा है। इस दौरान अगर आपको लगता है कि आपसे गलती हुई है या कोई धोखा हुआ है, तो आप उस पेमेंट की समीक्षा कर सकेंगे और उसे रद्द भी कर सकेंगे। यह नियम आमतौर पर उन लोगों के लिए नहीं होगा जिन्हें आप पहले से पैसे भेजते रहे हैं या जो आपके भरोसेमंद मर्चेंट लिस्ट में शामिल हैं।
RBI के 5 नए सेफ्टी फीचर्स की लिस्ट
RBI ने डिजिटल पेमेंट सुरक्षा के लिए एक चर्चा पत्र जारी किया है जिसमें निम्नलिखित बदलावों का सुझाव दिया गया है। आप नीचे दी गई तालिका में इन फीचर्स को समझ सकते हैं:
| फीचर का नाम |
कैसे करेगा काम |
| 1 घंटे का ‘ब्रेक’ |
10 हजार से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 1 घंटे की अनिवार्य देरी होगी। |
| किल स्विच (Kill Switch) |
धोखाधड़ी का शक होने पर एक क्लिक में UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग बंद होगी। |
| ट्रस्टेड पर्सन अप्रूवल |
70 साल से ऊपर के बुजुर्गों के 50 हजार से ऊपर के पेमेंट पर नामांकित व्यक्ति की मंजूरी लगेगी। |
| म्यूल खातों पर लगाम |
बैंक संदिग्ध खातों में आने वाले पैसे को जांच पूरी होने तक रोक कर रखेगा। |
| एक्स्ट्रा सिक्योरिटी |
बड़े लेनदेन के लिए केवल OTP नहीं बल्कि बायोमेट्रिक्स या पिन की जरूरत होगी। |
क्यों पड़ी इन सख्त नियमों की जरूरत और कब से होंगे लागू?
RBI के आंकड़ों के अनुसार साल 2021 में डिजिटल धोखाधड़ी 551 करोड़ रुपये की थी, जो साल 2025 तक बढ़कर 22,931 करोड़ रुपये पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुल फ्रॉड में से लगभग 98.5 प्रतिशत हिस्सा 10,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन का ही है। RBI ने 9-10 अप्रैल 2026 को इस पर चर्चा पत्र जारी किया है और जनता 8 मई 2026 तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है। इन सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही RBI अंतिम दिशानिर्देश जारी करेगा।