Lucknow में युवाओं ने ग्रैफिटी वॉल के जरिए दिखाया UP का बदलाव, ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत उकेरी तस्वीरें

Lucknow: उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से पहले युवाओं को अपनी बात कहने के लिए एक नया मंच मिला है। इसके लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद युवाओं को रचनात्मकता से जोड़ना और डर के माहौल को

Lucknow: उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस से पहले युवाओं को अपनी बात कहने के लिए एक नया मंच मिला है। इसके लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद युवाओं को रचनात्मकता से जोड़ना और डर के माहौल को खत्म करना है। इसी कड़ी में बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के पास एक ग्रैफिटी वॉल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां कलाकारों ने अपनी पेंटिंग के जरिए यूपी की बदलती तस्वीर पेश की।

इस कार्यक्रम में शहर के कलाकारों ने लाइव पेंटिंग की। इन चित्रों में यह दिखाने की कोशिश की गई कि 2017 के पहले और बाद में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में कितना बदलाव आया है। युवा पेंटर Manish Saroj ने अपनी कला के जरिए यह दिखाया कि कैसे पहले राज्य में माफिया राज का डर था और अब माहौल बदल चुका है। अभियान के कोऑर्डिनेटर Vishwadeep Shukla ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य कला को सामाजिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाना है।

यह पूरा अभियान 11 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक चलेगा। इसकी शुरुआत 11 अगस्त को Prayagraj से हुई थी, जहां डॉ. विनम्र सेन सिंह और आचार्य शांतनु जी महाराज की मौजूदगी में एक काव्य विरोध कार्यक्रम हुआ। इसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी, बीएचयू और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों ने हिस्सा लिया। अभियान का मुख्य संदेश ‘बंदूकों की जगह ब्रश और डर की जगह संवाद’ है।

आने वाले दिनों में यह अभियान अन्य शहरों में भी चलेगा। 13 अगस्त को Muzaffarnagar में सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम होगा। वहीं 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूरे प्रदेश में ‘डर से आजादी’ नाम का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च किया जाएगा, जिसमें रैप, संगीत और डिजिटल आर्ट का इस्तेमाल होगा। इस पूरे अभियान के लिए #RangDeBasanti और #WohDarBhoolnaNahi टैग का इस्तेमाल किया जा रहा है।