UP: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गबन का मामला गरमा गया है। इस मामले की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग
UP: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गबन का मामला गरमा गया है। इस मामले की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि पूरे मामले की CBI जांच हो और दानपात्रों में जमा नकदी और गहनों का CAG से ऑडिट कराया जाए।
PIL में क्या मांग की गई है और सुनवाई कब होगी?
स्थानीय वकील मोहित अशोक ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को यह याचिका दाखिल की। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि मंदिर के दानपात्रों में आने वाले पैसों और कीमती सामानों की सही गिनती के लिए भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराया जाए। इस मामले में कोर्ट अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को सुनवाई कर सकता है।
ट्रस्ट और सरकार का इस पर क्या कहना है?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गबन के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक की देखरेख में नियमित ऑडिट हो रहा है और कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। हालांकि, ट्रस्ट अब रिटायर्ड जजों से भी इसकी जांच कराने पर विचार कर रहा है। वहीं, यूपी सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इसे ट्रस्ट का आंतरिक मामला बताया है, लेकिन कहा कि अगर सरकार की मदद चाहिए होगी तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष और अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया है?
- अखिलेश यादव और संजय सिंह ने करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगाते हुए हाई लेवल जांच की मांग की है।
- महंत कमल नयन दास और विनय कटियार ने भी निष्पक्ष जांच की बात कही है।
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भूमि पूजन के समय से ही अनियमितताओं का दावा किया है।
- कथावाचक स्वामी रामभद्राचार्य ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारा है और कहा है कि एक रुपया भी चोरी नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, RSS ने भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर ट्रस्ट अधिकारियों के साथ बैठक की है, जिससे अंदरूनी समीक्षा की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राम मंदिर दान मामले में हाईकोर्ट में याचिका किसने दाखिल की?
यह जनहित याचिका (PIL) स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने 12 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल की है।
याचिकाकर्ता ने किन संस्थाओं से जांच और ऑडिट की मांग की है?
याचिका में कथित गबन की जांच के लिए CBI और दानपात्रों की नकदी व आभूषणों के ऑडिट के लिए CAG की मांग की गई है।