UP: राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग वाली याचिका पर होगी चर्चा
UP/Lucknow: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गबन के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस पूरे मामले की CBI जांच और CAG से ऑडिट कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज सोमवार, 22 जून 20
UP/Lucknow: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गबन के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस पूरे मामले की CBI जांच और CAG से ऑडिट कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज सोमवार, 22 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई होने की संभावना है।
यह मामला न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्मकालीन अवकाश खंडपीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया है। अधिवक्ता मोहित अशोक ने इस याचिका के जरिए कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया है। बता दें कि 19 जून को भी यह मामला कोर्ट में आया था, लेकिन समय की कमी की वजह से उस दिन सुनवाई नहीं हो पाई थी।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने एक वीडियो जारी कर पिछले पांच सालों से चोरी होने का दावा किया था। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी जानकारी होने का आरोप लगाया। इसके बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट और विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार की निष्पक्ष जांच की मांग के बाद यह मुद्दा गरमा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस SIT की अध्यक्षता लखनऊ के संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, जबकि IG किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन इसके सदस्य हैं। जानकारी के मुताबिक SIT ने अपनी 140 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंप दी है।
| प्रमुख पक्षकार/संस्था | भूमिका/स्थिति |
|---|---|
| अधिवक्ता मोहित अशोक | CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग वाली PIL दायर की |
| अधिवक्ता मोहित लाल यादव | न्यायिक आयोग के गठन और जिला जज को रिसीवर बनाने की मांग की |
| SIT टीम | मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच कर रही है, शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है |
| श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट | वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहा है |
| PMO और RSS | मामले का संज्ञान लिया है और रिपोर्ट तलब की है |
| नृपेंद्र मिश्रा | SIT को पूरा सहयोग देने और जांच में ढिलाई न बरतने का आश्वासन दिया |
इस याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, CBI, CAG और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर हैं कि क्या इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी या SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।