UP: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अपने संसदीय क्षेत्र Lucknow के तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शहर के विकास और वैश्विक चुनौतियों पर बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत पश्चिम एशिया के संकट का मजबूती से सामना करेगा। साथ
UP: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अपने संसदीय क्षेत्र Lucknow के तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शहर के विकास और वैश्विक चुनौतियों पर बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत पश्चिम एशिया के संकट का मजबूती से सामना करेगा। साथ ही उन्होंने लखनऊ के लोगों को खुशखबरी देते हुए कहा कि शहर में जल्द ही नए उद्योग आएंगे जिससे विकास की रफ्तार और बढ़ेगी।
लखनऊ के विकास और नए उद्योगों का क्या है प्लान?
Rajnath Singh ने कहा कि Lucknow अब दुनिया के बेहतरीन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है और यहाँ चौतरफा विकास हो रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने बताया कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में शहर की सड़कों, फ्लाईओवर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार हुआ है। आने वाले समय में यहाँ कुछ और नई इंडस्ट्रीज लगेंगी जिससे स्थानीय लोगों को फायदा होगा।
पश्चिम एशिया संकट और भारत पर इसका असर क्या है?
रक्षा मंत्री ने बताया कि West Asia का संकट पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तनाव की वजह से भारत में महंगाई 3.3 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि दुनिया के कई हिस्सों में यह 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। Rajnath Singh ने साफ किया कि भारत इस चुनौती का मुकाबला करेगा और इसमें विजय प्राप्त करेगा। उन्होंने पहले ही इसके लिए रक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक भी की थी और कूटनीति से समाधान निकालने पर जोर दिया था।
रक्षा उत्पादन और गरीबी उन्मूलन में कितनी तरक्की हुई?
देश की आत्मनिर्भरता पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि भारत अब 75 प्रतिशत टैंक और हथियार खुद बना रहा है, जिसका कुल उत्पादन करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि देश से लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पश्चिम एशिया संकट का भारत की महंगाई पर क्या असर पड़ा है?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, पश्चिम एशिया के संकट के कारण भारत में महंगाई 3.3 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह वृद्धि 40 प्रतिशत तक रही है।
रक्षा क्षेत्र में भारत ने कितनी आत्मनिर्भरता हासिल की है?
भारत अब अपने 75 प्रतिशत टैंक और हथियार खुद बना रहा है, जिसका कुल उत्पादन मूल्य लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।