Rajasthan में बिहार की नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर बेचने वाला गिरोह पकड़ा, 4 आरोपी गिरफ्तार

Rajasthan/Jhalawar: झालावाड़ की अकलेरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह बिहार के गरीब और अनाथ परिवारों से नाबालिग लड़कियों को शादी का लालच देकर राजस्थान लाता था और फिर उन्हें म

Rajasthan/Jhalawar: झालावाड़ की अकलेरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह बिहार के गरीब और अनाथ परिवारों से नाबालिग लड़कियों को शादी का लालच देकर राजस्थान लाता था और फिर उन्हें मोटी रकम लेकर बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के रोहतास जिले के महाराज शाह और धर्मेंद्र कुमार, झालावाड़ के घाटोली इलाके के चौथमल और जयपुर के अजय जांगिड़ शामिल हैं। इन चारों को 28 जुलाई को झालावाड़ की POCSO कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि अगर कोई लड़की शादी के बाद असंतुष्ट होती थी, तो उसे चुपके से वापस ले जाकर दोबारा बेच दिया जाता था।

बिहार में इस तरह के गिरोहों की सक्रियता पहले भी देखी गई है। हाल ही में भोपाल में एक 16 साल की बिहार की लड़की को बचाया गया जिसे मार्च 2025 में तस्करी कर लाया गया था। इसी तरह मई 2026 में गोपालगंज में 40 नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से बचाया गया था। अप्रैल 2026 में रोहतास में भी एक ऐसा गिरोह पकड़ा गया था जो बक्सर की नाबालिग लड़की की शादी मध्य प्रदेश के रतलाम में कराने की कोशिश कर रहा था।

ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन POCSO एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हैं। मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे इन अभियानों का मकसद गरीब परिवारों को ठगने वाले इन गिरोहों पर लगाम लगाना है।