rajasthan: नीमराणा और कोटकासिम के औद्योगिक हब के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर हलचल फिर से तेज हो गई है। प्रशासन अब जमीन की फिजिबिलिटी यानी व्यवहार
rajasthan: नीमराणा और कोटकासिम के औद्योगिक हब के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर हलचल फिर से तेज हो गई है। प्रशासन अब जमीन की फिजिबिलिटी यानी व्यवहार्यता रिपोर्ट दोबारा से तैयार कर रहा है। इस खबर के बाद भिवाड़ी और नीमराणा के हजारों उद्यमियों में खुशी है क्योंकि इसके बनने से उनकी दिल्ली और जयपुर की भागदौड़ काफी कम हो जाएगी।
एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर अभी क्या नए अपडेट हैं?
नीमराणा और कोटकासिम के इस प्रोजेक्ट पर 8 अप्रैल 2026 को नई जानकारी सामने आई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट के लिए जमीन की व्यवहार्यता का आकलन दोबारा शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ऐसी जमीन की तलाश कर रहा है जो तकनीकी रूप से एयरपोर्ट के लिए सही हो। जैसे ही जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, इस प्रोजेक्ट की रुकी हुई प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा। राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन इस काम में तेजी से जुटे हैं।
इस एयरपोर्ट के बनने से क्षेत्र को क्या बड़े फायदे होंगे?
- औद्योगिक विकास: नीमराणा और भिवाड़ी के करीब 693 बड़े और मध्यम उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट के साथ बनने वाली ‘एयरोसिटी’ से होटल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।
- व्यापार में आसानी: मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (MIA) की 200 से अधिक इकाइयों की दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम हो जाएगी।
- कनेक्टिविटी: उद्योगों के लिए कच्चा माल मंगाना और तैयार माल भेजना काफी सस्ता और तेज हो जाएगा।
क्यों इतने सालों से अटका हुआ था यह प्रोजेक्ट?
यह एयरपोर्ट प्रोजेक्ट असल में साल 2012-13 में स्वीकृत हुआ था। उस समय कोटकासिम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था। इसकी सबसे बड़ी शर्त यह थी कि एयरपोर्ट के लिए केवल बंजर जमीन का उपयोग किया जाएगा। काफी समय तक तलाश करने के बाद भी सही बंजर जमीन नहीं मिल पाई थी, जिसके कारण काम रुक गया था। अब प्रशासन फिर से 110 एकड़ बंजर भूमि और अन्य विकल्पों की जांच कर रहा है ताकि इस प्रोजेक्ट को हकीकत में बदला जा सके।