Maharashtra में ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट पर घमासान, Raj Thackeray ने CM Fadnavis से पूछा- बुनियादी ढांचे की आलोचना करना राज्य का अपमान कैसे हुआ
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट की क्वालिटी को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में जोरदार बहस छिड़ गई है। MNS प्रमुख Raj Thackeray ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के उस बयान पर सवा
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट की क्वालिटी को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में जोरदार बहस छिड़ गई है। MNS प्रमुख Raj Thackeray ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने प्रोजेक्ट की आलोचना को महाराष्ट्र का अपमान बताया था। यह पूरा विवाद भारी बारिश के बाद प्रोजेक्ट के एक हिस्से में हुए भूस्खलन और कंक्रीट स्लैब गिरने के बाद शुरू हुआ है।
पूरा मामला 6 जुलाई 2026 को शुरू हुआ जब भारी बारिश की वजह से नए खुले ‘Missing Link’ सेक्शन के पास लैंडस्लाइड हुआ और स्लैब गिर गया, जिससे रास्ता बंद करना पड़ा। यह प्रोजेक्ट मई 2026 के आसपास ही चालू हुआ था। इसके बाद 8 जुलाई को विधानसभा में CM Devendra Fadnavis ने इस प्रोजेक्ट को ‘इंजीनियरिंग का कमाल’ बताया और कहा कि भूस्खलन मौसम की वजह से हुआ है। उन्होंने विरोधियों पर इसे राजनीति करने और किराए के ट्रोल के जरिए गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। CM ने चेतावनी दी थी कि जो लोग राज्य के गौरव को ठेस पहुंचाएंगे या झूठ फैलाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
CM के इस रुख पर पलटवार करते हुए Raj Thackeray ने गुरुवार को पूछा कि अगर कोई सरकारी प्रोजेक्ट की क्वालिटी पर सवाल उठाता है, तो उसे महाराष्ट्र का अपमान क्यों माना जाए। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की आलोचना करना और राज्य की आलोचना करना दो अलग बातें हैं। ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि विरोधियों को निशाना बनाने और ऑनलाइन हमला करने की शुरुआत खुद BJP ने की है, इसलिए अब इसे राजनीति कहना गलत है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता Anant Gadgil ने सुरक्षा पर चिंता जताते हुए स्वतंत्र ऑडिट की मांग की है। वहीं NCP (शरद पवार गुट) के विधायक Rohit Pawar ने 7,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने टनल में दरारें और पानी के रिसाव का जिक्र करते हुए Navayuga Engineering और Afcons Infrastructure जैसी कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे ने लागत बढ़ने पर सवाल किए, जबकि संजय राउत ने मुख्यमंत्री की भाषा को अहंकारी बताया है।