Bihar : रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली और लुधियाना में कोच में दरार मिलने जैसी घटनाओं के बाद अब ICF कोचों की सघन जांच शुरू की गई है। यह विशेष अभियान 6 जून से 13 जून तक चलेगा, ताकि पुरा
Bihar : रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली और लुधियाना में कोच में दरार मिलने जैसी घटनाओं के बाद अब ICF कोचों की सघन जांच शुरू की गई है। यह विशेष अभियान 6 जून से 13 जून तक चलेगा, ताकि पुराने और जर्जर कोचों को समय रहते हटाया जा सके।
जांच कहां और कब होगी
यह स्पेशल ड्राइव पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन के तहत आने वाले मुख्य केंद्रों पर चलाई जा रही है। इसमें मुख्य रूप से ये जगहें शामिल हैं:
- भागलपुर (Bhagalpur)
- जमालपुर (Jamalpur)
- मालदा (Malda)
मालदा डिवीजन में दो दर्जन से ज्यादा ICF कोच वाली ट्रेनों की जांच की जा रही है। जनरल मैनेजर (GM) के आदेश पर यह पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
किन कोचों को हटाया जाएगा सर्विस से
जांच के दौरान उन कोचों की पहचान की जा रही है जिनमें बहुत ज्यादा जंग (corrosion) लग चुका है या जिनकी मरम्मत का खर्च बहुत अधिक है। ऐसे कोचों को तुरंत सर्विस से हटाने की तैयारी है। रेलवे ने पुराने और असुरक्षित कोचों को जल्दी पहचानने और रद्द करने के लिए नियमों (SOP) को भी सरल कर दिया है।
| विवरण |
जानकारी |
| जांच की अवधि |
6 जून से 13 जून |
| प्रभावित क्षेत्र |
भागलपुर, जमालपुर, मालदा |
| मुख्य उद्देश्य |
यात्री सुरक्षा और जर्जर कोच हटाना |
| जांच का कारण |
दिल्ली और लुधियाना की घटनाएं |
इसके अलावा, रेलवे ने उन सभी वर्कशॉप का ऑडिट करने का भी फैसला किया है जहां कोचों की समय-समय पर ओवरहॉलिंग (POH) का काम होता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ICF कोचों की जांच क्यों की जा रही है?
दिल्ली में हुई एक घटना और लुधियाना में ट्रेन कोच में दरार मिलने के बाद सुरक्षा के लिहाज से यह जांच शुरू की गई है ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित रहे।
इस अभियान के तहत कौन से कोच हटाए जाएंगे?
जिन कोचों में बहुत ज्यादा जंग लगा हुआ है या जिन्हें ठीक करने में बहुत ज्यादा खर्चा आ रहा है, उन्हें रिपोर्ट के आधार पर सर्विस से हटा दिया जाएगा।