Raebareli में बारिश के बाद मिली रहस्यमयी सुरंग, 2000 साल पुराने अवशेष मिलने से मची खलबली
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ओई गांव में भारी बारिश के बाद एक रहस्यमयी सुरंग मिली है। यह सुरंग हरचंदपुर इलाके के एक निजी खेत में मिट्टी धंसने के कारण सामने आई, जिसे देखने के लिए अब भारी भीड़ उमड़ रही है। इ
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ओई गांव में भारी बारिश के बाद एक रहस्यमयी सुरंग मिली है। यह सुरंग हरचंदपुर इलाके के एक निजी खेत में मिट्टी धंसने के कारण सामने आई, जिसे देखने के लिए अब भारी भीड़ उमड़ रही है। इस जगह को पुरातत्व विभाग ने साल 1995-96 में ही संरक्षित धरोहर घोषित कर दिया था।
जुलाई के आखिरी दिनों में बारिश की वजह से खेत में करीब एक मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया था, जिसके अंदर सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी। जब जांच की गई तो वहां प्राचीन ईंटें, एक मिट्टी की सुराही और हैंडल वाली धूपदानी मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि ये चीजें कुषाण काल की हैं, जो करीब 2000 साल पुरानी हो सकती हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम महाराजगंज और जिलाधिकारी सरनीत कौर को सूचित किया गया। इसके बाद लखनऊ डिवीजन से Archaeological Survey of India (ASI) की टीम पहुंची, जिसका नेतृत्व असिस्टेंट आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार यादव ने किया। ASI की टीम ने पुष्टि की कि वहां मिली ईंटों का साइज 40x28x8 सेमी है, जो कुषाण काल की बनावट से मेल खाता है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और वहां पुलिस तैनात की गई है ताकि ग्रामीण गड्ढे या सुरंग के पास न जा सकें। डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि इस पूरी खोज की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और सरकार के निर्देशों के बाद आगे की खुदाई या रिसर्च का फैसला लिया जाएगा।
स्थानीय निवासी अशोक प्रताप मौर्य पिछले 40 सालों से इस टीले से प्राचीन चीजें इकट्ठा कर रहे हैं। ASI की टीम ने उनके पास मौजूद संग्रह की भी जांच की है। फिलहाल 9 अगस्त 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, इस जगह को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।