UP: रायबरेली की एक अदालत ने ललित तिवारी हत्याकांड के चार आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला 12 जून 2026 को रायबरेली सेशन कोर्ट द्वारा सुनाया गया। कोर्ट ने मामले के सबूतों और गवाहों को देखते हुए आरोपिय
UP: रायबरेली की एक अदालत ने ललित तिवारी हत्याकांड के चार आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला 12 जून 2026 को रायबरेली सेशन कोर्ट द्वारा सुनाया गया। कोर्ट ने मामले के सबूतों और गवाहों को देखते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला और किसने किया था हमला
शिकायतकर्ता अमर दीप सिंह उर्फ पिंकू के मुताबिक, उनके बेटे ललित तिवारी को प्रेम प्रसंग के चलते आरोपियों ने बुलाया था। आरोप है कि 14 मई 2026 की रात को ललित की पिटाई की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में ललित का शव लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर एक पेड़ से लटका हुआ मिला था।
कोर्ट ने जमानत याचिका क्यों की खारिज
कोर्ट ने केस डायरी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की। रिपोर्ट में गला घोंटने और शरीर पर अन्य चोटों के निशान मिले थे। साथ ही एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें पंकज और पिंकी द्वारा अपने चाचा के बेटे गोलू और अंकित के जरिए ललित की हत्या करवाने की बात लिखी थी। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने अंकित, योगेंद्र कुमार, पिंकी और पंकज की जमानत याचिका खारिज कर दी।
बचाव पक्ष ने क्या दलीलें दी थीं
बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि आरोपी बेगुनाह हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है। उनकी दलील थी कि ललित तिवारी पिंकी से शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार की सहमति न मिलने के कारण उसने खुदकुशी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के दिन पिंकी की शादी कहीं और हो रही थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हुई है
रायबरेली सेशन कोर्ट ने अंकित, योगेंद्र कुमार, पिंकी और पंकज की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
ललित तिवारी की मौत कैसे हुई थी
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने ललित को बुलाकर उसकी हत्या की और शव को लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर पेड़ से लटका दिया, जबकि पोस्टमॉर्टम में गला घोंटने की पुष्टि हुई।