Delhi: राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में मानसून की बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट मोड पर है। दिल्ली PWD ने उत्तर दिल्ली के यूनिवर्सिटी एरिया, GT रोड और MB रोड जैसे इलाकों में नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को
Delhi: राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में मानसून की बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट मोड पर है। दिल्ली PWD ने उत्तर दिल्ली के यूनिवर्सिटी एरिया, GT रोड और MB रोड जैसे इलाकों में नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का काम शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा न हो और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिले।
दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए क्या तैयारी है
दिल्ली PWD ने शहर में 448 ऐसी जगहें चिन्हित की हैं जहां सबसे ज्यादा पानी भरता है। इनमें से 197 पॉइंट्स को बहुत संवेदनशील माना गया है और उनकी खास निगरानी हो रही है। PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह ने निर्देश दिए हैं कि 15 जून तक सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाए। इसके लिए अधिकारियों को फोटो और वीडियो के जरिए सबूत देने होंगे कि सफाई सही से हुई है। साथ ही, खराब मैनहोल कवर को 2 घंटे के अंदर और ट्रैफिक साइन बोर्ड को 24 घंटे में ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
UP, Haryana और अन्य शहरों में क्या स्थिति है
प्रयागराज में नगर निगम ने 8 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर 700 से ज्यादा नालों की सफाई करवाई है, जिसमें करीब 2,769 मजदूरों ने काम किया। वहीं गुरुग्राम में MCG ने 153 मुख्य जलभराव वाले पॉइंट्स की पहचान की है और लोगों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है ताकि वे पानी भरने की शिकायत फोटो के साथ कर सकें। पुणे में बाढ़ रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल बनाने का काम चल रहा है, हालांकि जमीन अधिग्रहण की वजह से यहां काम की रफ्तार थोड़ी धीमी है। केरल में भी 44 पुलों की मरम्मत के लिए 1.65 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
PWD के नए नियम और अधिकारियों की जिम्मेदारी
PWD ने मानसून के लिए एक SOP जारी किया है। इसके तहत भारी बारिश के समय पंप चलाने के लिए डीजल जनरेटर का रोजाना 10 मिनट टेस्ट करना होगा और कम से कम 10 घंटे का ईंधन स्टॉक रखना जरूरी है। सबसे बड़ी बात यह है कि 448 संवेदनशील पॉइंट्स के लिए अलग-अलग इंजीनियरिंग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर उनके इलाके में लापरवाही के कारण बाढ़ या जलभराव होता है, तो उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में नालों की सफाई का काम कब तक पूरा होगा
दिल्ली PWD मंत्री के निर्देशानुसार ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई का काम 15 जून 2026 तक पूरा करना अनिवार्य है।
गुरुग्राम के लोग जलभराव की शिकायत कैसे कर सकते हैं
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने एक ऑनलाइन फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल लॉन्च किया है, जहां निवासी फोटो और पानी की गहराई की जानकारी के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।