Bihar: पूर्णिया के किलकारी संस्थान के दो छोटे बच्चों ने अपनी प्रतिभा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सुहानी खातून और ईशा कुमारी को संगीत की ट्रेनिंग के लिए सरकारी स्कॉलरशिप मिली है। इस आर्थिक मदद से अब ये बच्चे कला क
Bihar: पूर्णिया के किलकारी संस्थान के दो छोटे बच्चों ने अपनी प्रतिभा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सुहानी खातून और ईशा कुमारी को संगीत की ट्रेनिंग के लिए सरकारी स्कॉलरशिप मिली है। इस आर्थिक मदद से अब ये बच्चे कला के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई और अभ्यास को आगे बढ़ा सकेंगे।
किसे मिली स्कॉलरशिप और किस क्षेत्र में हुआ चयन
पूर्णिया के किलकारी बिहार बाल भवन से जुड़े दो बच्चों का चयन हुआ है। सुहानी खातून को लोक संगीत (Folk Music) के लिए और ईशा कुमारी को शास्त्रीय संगीत (Classical Music) के लिए चुना गया है। यह चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और CCRT के माध्यम से किया गया है।
स्कॉलरशिप की राशि और नियम क्या हैं
इस योजना के तहत चुने गए युवा कलाकारों को ट्रेनिंग के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- चुने गए हर छात्र को 5,000 रुपये महीना मिलता है।
- यह सहायता दो साल की अवधि के लिए दी जाती है।
- पैसों का भुगतान हर छह महीने में एक किस्त के रूप में होता है।
- इस राशि का उपयोग रहने, यात्रा, किताबों और ट्रेनिंग की फीस भरने के लिए किया जा सकता है।
किलकारी संस्थान और चयन प्रक्रिया
किलकारी बिहार बाल भवन में 8 से 16 साल के बच्चों को 20 से ज्यादा अलग-अलग गतिविधियों की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है। यहाँ से कई बच्चे पहले भी CCRT जैसी बड़ी स्कॉलरशिप जीत चुके हैं। इन बच्चों का चयन एक्सपर्ट कमेटी के इंटरव्यू और उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।