Bihar के Purnea में आधी रात को फहराया जाता है तिरंगा, रेडियो से जुड़ी है आजादी की दिलचस्प कहानी

Purnea: बिहार के पूर्णिया जिले में एक ऐसी परंपरा है जो पूरे देश में अलग पहचान रखती है। यहाँ 14 अगस्त की आधी रात को ही तिरंगा फहरा दिया जाता है। यह सिलसिला साल 1947 से लगातार चला आ रहा है और आज भी लोग इसे उतनी ही श्रद्धा

Purnea: बिहार के पूर्णिया जिले में एक ऐसी परंपरा है जो पूरे देश में अलग पहचान रखती है। यहाँ 14 अगस्त की आधी रात को ही तिरंगा फहरा दिया जाता है। यह सिलसिला साल 1947 से लगातार चला आ रहा है और आज भी लोग इसे उतनी ही श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं।

इस अनोखी परंपरा की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी Rameshwar Prasad Singh ने की थी। 14 अगस्त 1947 की रात को वह अपने साथियों Ramratan Sah और Shamshul Haq के साथ रेडियो पर भारत की आजादी की घोषणा सुन रहे थे। जैसे ही रात 12:01 बजे आजादी की खबर आई, उन्होंने तुरंत तिरंगा फहरा दिया। यह जगह पूर्णिया का भट्टा बाजार था, जिसे अब Jhanda Chowk के नाम से जाना जाता है।

Rameshwar Prasad Singh के परिवार ने इस विरासत को आगे बढ़ाया और उनके पोते Vipul Prasad Singh अब इस परंपरा को जारी रखे हुए हैं। 14 अगस्त 2026 को भी यहाँ आधी रात को झंडा फहराने का कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता Govind Das और Dilip Kumar Deepak समेत बड़ी संख्या में नागरिक जुटे। लोगों ने ढोल-नगाड़ों, पटाखों और मिठाई वितरण के साथ आजादी का जश्न मनाया। स्थानीय निवासियों की यह मांग भी रही कि सरकार इस ऐतिहासिक घटना को आधिकारिक मान्यता दे।